
बाराबंकी : अपनी ही पार्टी के सांसद को बदनाम करने में जुटे हुए हैं भाजपा के कुछ लोग। यह बात भाजपा के फायर ब्रांड नेता एवं नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से कही। श्रीवास्तव ने आगे कहा कि किसी को कोई हक नहीं है कि अपनी ही पार्टी के नेताओ के खिलाफ बोले। भाजपा में सख्ती से अनुशासन का पालन किया जाता है। लेकिन कुछ लोग अनुशासनहीनता पर अमादा हैं। जिले के तमाम अधिकारी हमारी सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि एसएमआई व सांसद उपेन्द्र रावत के मध्य हुई फोन पर बातचीत को लेकर पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत बे वजह तूल दे रही है। जबकि वह रिकार्डिंग अधूरी है। पूर्व चेयरमैन श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आडियो रिकार्डिंग को जनपद की पूर्व भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत के पति द्वारा भी सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जो पार्टी विरोधी कृत्य है।
उन्होंने कहा कि प्रियंका सिंह रावत द्वारा सांसद रहते हुए जिले के एक बड़े अधिकारी की खाल खिंचने की बात कही गई थी। उनके द्वारा एक बड़े अधिकारी को थप्पड़ मारने की बात कहने को प्रचारित किया जा रहा था। तब किसी भी पार्टी के व्यक्ति ने उनका विरोध नहीं किया था। मै हमेशा उनके साथ रहा। लेकिन उनके द्वारा अपने पति से आडियो वायरल करवाना बिलकुल गलत है। जो पार्टी नीतियों के खिलाफ है।
पत्रकार द्वारा शहर में कब्रिस्तानों की जमीनो पर अवैध कब्जे को लेकर सवाल किया तो भाजपा नेता रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने कहा कि मैने कब्रिस्तान बचाओ समिति बनाई है और मेरी समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप सिंह ‘ज्ञानू‘ ने प्रशासन से माग की थी की शहर के सभी कब्रिस्तान और कार्बलाओ की जमीनो पर कब्जा ना हो इसके लिये पैमाईश करा दी जाये। श्रीवास्तव ने अल्पसख्यक आयोग के चेयरमैन को पत्र भी लिखकर भेजा गया है। जिसके नतीजे में आज अल्पसख्यक कल्याण अधिकारी और तहसीलदार टीम के साथ कमरियाबाग कब्रिस्तान पहुचकर उक्त जमीन की पैमाईश की गई है। पूर्व चेयरमैन ने बताया कि हमारी कोशिश रहेगी की कब्रिस्तान और शमशान की जमीनो की हद बन्दी कर दिया जाये।