
इंडिगो संकट के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई किराए पर लगाई अधिकतम सीमा, मनमानी वसूली पर रोक
इंडिगो एयरलाइंस में जारी संकट और इसके कारण घरेलू हवाई किराए में हुई अचानक भारी बढ़ोतरी को देखते हुए केंद्र सरकार सख्त हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपनी नियामक शक्तियों का उपयोग करते हुए सभी प्रभावित रूट्स पर अधिकतम किराया सीमा (Fare Cap) लागू कर दी है। अब कोई भी एयरलाइन तय सीमा से अधिक किराया नहीं ले सकेगी।
नई अधिकतम टिकट दरें (Domestic Fare Cap)
दूरी के अनुसार अधिकतम किराया इस प्रकार तय किया गया है:
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500 किमी तक – ₹7,500
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500–1000 किमी – ₹12,000
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1000–1500 किमी – ₹15,000
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1500 किमी से अधिक – ₹18,000
इंडिगो के लिए कठोर निर्देश
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को यात्रियों के हितों की सुरक्षा के लिए कई निर्देश जारी किए हैं:
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रिफंड प्रक्रिया – रद्द उड़ानों के टिकटों का रिफंड रविवार शाम तक पूरा करना होगा। संचालन सामान्य होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा।
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सामान की डिलीवरी – छूटे हुए बैगेज की पहचान कर उन्हें 48 घंटे के भीतर यात्रियों तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
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रिशेड्यूलिंग शुल्क – जिन यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है, उनसे किसी भी तरह का पुनर्निर्धारण शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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यात्री सहायता केंद्र – शिकायतों और रिफंड से जुड़ी समस्याओं के लिए Dedicated Passenger Support और Refund Facilitation Cells स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि रिफंड में देरी या निर्देशों का पालन न करने पर इंडिगो के खिलाफ तत्काल नियामक कार्रवाई की जाएगी।
