
अयातुल्ला ख़ामेनेई सीरिया पर हमले का बदला लेंगे।
Israel attack on Syria:सीरिया में हुए इज़रायली हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि इस हमले का बदला लिया जाएगा और

इसका असर ऐसा होगा कि इज़राइल की स्थिति डगमगा जाएगी। तेहरान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि इज़रायल द्वारा सीरियाई राजधानी दमिश्क में ईरानी सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाना एक कायराना हरकत थी, और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खामेनेई के इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी कहा है कि यह हमला “सीधे युद्ध की घोषणा” के समान है और अब प्रतिक्रिया की प्रकृति केवल समय पर निर्भर करेगी, न कि इच्छा पर। ईरानी मीडिया में इसे लेकर बड़े स्तर पर कवरेज दी जा रही है और देश में सरकार के साथ-साथ आम जनता में भी गुस्सा देखा जा रहा है।

इस हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य सलाहकार मारे गए थे, जिनमें कुछ कुद्स फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले का निशाना दमिश्क स्थित एक राजनयिक परिसर था, जिसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत सुरक्षित माना जाता है। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी भी कर रहा है।
दूसरी ओर, इज़राइल ने अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई ईरान समर्थित मिलिशियाओं की गतिविधियों के जवाब में की गई थी। खाड़ी देशों और अमेरिका ने अभी तक इस पर संयमित प्रतिक्रिया दी है, लेकिन वॉशिंगटन ने सभी पक्षों से तनाव न बढ़ाने की अपील की है।
इस बयान के बाद आशंका जताई जा रही है कि ईरान सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से इज़राइल पर जवाबी हमला कर सकता है। लेबनान में सक्रिय हिज़्बुल्लाह, इराक में मौजूद शिया मिलिशिया, और यमन के हूती विद्रोही, सभी ईरान के करीबी माने जाते हैं और उनके जरिए ईरान कोई बड़ा कदम उठा सकता है।
हालात को देखते हुए इज़राइल ने अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट बढ़ा दिया है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि ईरान किस प्रकार का बदला लेता है और यह क्षेत्रीय शांति के लिए किस हद तक घातक साबित हो सकता है।