
उत्तर प्रदेश : के बदायूं जिले में एक महिला की कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या किए जाने के मामले में मंदिर के महंत समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पुजारी की तलाश की जा रही है पुलिस ने कहा कि जब महिला मंदिर में पूजा अर्चना करने जा रही थी तभी मंदिर के पुजारी, सत्यानंद और दो उसके दो सहायक वेदराम और यशपाल ने उस पर हमला कर दिया। मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं करने पर एक एसएचओ को निलंबित कर दिया गया है।
बदायूं ग्रामीण के एसपी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है और उसके गुप्तांग में चोट के निशान तथा पैर की हड्डी टूटी पाई गई है। महिला की मौत अधिक खून बहने की वजह से हुई।
उन्होंने कहा कि अपराध स्थल की जांच और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट के बाद वे इसे गैंगरेप का मामला मान रहे थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 376 डी (गैंगरेप) और 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है महिला स्थानीय स्वास्थ्य विभाग में काम करती थी और अपने परिवार को पालती थी। उसके पांच बच्चे हैं और उसका पति मानसिक रूप से बीमार है। वहीं दो बच्चों की शादी हो चुकी है।
एसपी ने बताया कि मंगलवार को परिवार ने आरोप लगाया था कि महिला का तीन पुरुषों ने गैंगरेप किया है, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा महिला के बेटे ने बताया कि उसकी मां पिछले रविवार की शाम गांव के ही मंदिर में पूजा अर्चना करने गई थी और रात करीब 11 बजे मंदिर का महंत दो अन्य लोगों के साथ उसके घर आया और उसकी मां का शव रख दिया।
महिला के बेटे ने कहा कि घर के लोग महंत और उनके साथ आए लोगों से कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वे यह कहकर चले गए कि मन्दिर से घर लौटते समय महिला रास्ते में एक सूखे कुएं में गिर गई थी और उसकी चीख-पुकार सुनकर उन्होंने उसे कुएं से बाहर निकाला और घर लेकर आए हैं।
महिला के बेटे का कहना है कि पुलिस को घटना की सूचना सोमवार की सुबह दी गयी थी और परिजन इसे पहले ही बलात्कार और हत्या का मामला बता रहे थे लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम के आधार पर कार्रवाई की बात कहते हुए शव को मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।