
अमेठी : यूपी के जनपद अमेठी में बार एसोसिएशन अमेठी ने बीते 28 नवम्बर से एसडीएम व तहसीलदार के खिलाफ लगातार आंदोलनरत रहते हुए रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। बता दें कि बार संघ अमेठी के लगातार आंदोलनरत रहने से तहसील के सारे कार्य बाधित चल रहे हैं। संघ के मंत्री उपेंद्र शुक्ल ने तहसीलदार अमेठी पर आरोप लगाते हुए कहा कि तहसीलदार का कहना है कि जमीन के दाखिल खारिज करने में भी 5000 रूपए मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान तहसीलदार महोदय बीकापुर, जनपद फैजाबाद से आए हैं, वहां का रेट बताकर यहां लेने की बात करते हैं। एसडीएम योगेन्द्र सिंह पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन महोदय को भी हर काम में पैसा चाहिए जो सर्वथा गलत है। हम ऐसा हरगिज नहीं होने देंगे।
बता दें कि अधिवक्ताओं की लगातार चल रही हड़ताल को देखते हुए बीते दिनों एडीएम वंदिता श्रीवास्तव भी तहसील आकर अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनकी बात को सुना और शीघ्र ही उनके स्थानांतरण की बात कही, लेकिन अभीतक कुछ नहीं हुआ। महामंत्री ने तो यहां तक कह डाला कि एसडीएम और तहसीलदार अमेठी से पैसा वसूल कर ऊपर तक पहुंचाते हैं इसलिए इनका स्थानांतरण नहीं हो रहा है। जबतक इनका अमेठी से स्थानांतरण नहीं होता है तब तक अधिवक्ता आंदोलनरत रहेंगे।
संघ के अध्यक्ष सदाशिव पांडेय ने प्रत्यक्ष रूप से एसडीएम और तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों अधिकारी सिर्फ पैसा खोजते हैं। एसडीएम तो सिर्फ माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आदेशित फाइल को ही देखते हैं, अन्य फाइल को देखते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में एडीएम अमेठी व विधायक प्रतिनिधि भी हस्तक्षेप कर चुके हैं लेकिन उच्च पदों पर बैठे अधिकारी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा कि जबतक इनका स्थानांतरण नहीं होता है तबतक हमारा आंदोलन चलता रहेगा।