
फतेहपुर84/उन्नाव : उत्तर प्रदेश शासन ने छुट्टा पशुओं के भरण पोषण के लिए 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से धनराशि देने का आदेश दिया था।जो कि छुट्टा पशुओं के भरण पोषण के लिए यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है।क्योंकि प्रति पशु चारे का दैनिक खर्च कम से कम 60 से 80 रुपये है।छुट्टा पशुओं की समस्या सामने आने के बाद भूसे के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।जोकि इन दिनों 600 से 650 प्रति कुन्तल का हो गया है। दो माह में 200 रुपये प्रति कुंतल के भाव बढ़े हैं।जोकि आगामी दिनों में भूसे का संकट भी पैदा हो सकता है।प्रशासन ने गांव-गांव अस्थायी गोशालाओं में प्रधानों के साथ ग्राम पंचायत सचिव को पशुओं के भरण पोषण की जिम्मेदारी तय की है। लेकिन 30 रुपये में इन पशुओं का पेट कैसे भरेगा।इसका जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है।
उन्नाव जनपद के फतेहपुर84 ब्लाक अन्तर्गत कठिघरा,अहमदाबाद सेननगर के काजीपुर बंगर,समसपुर अटिया कबूलपुर,भड़सर नौसहरा,हरदासपुर इन पांच ग्राम पंचायतों में किसानों की फसलों को छुट्टा मवेशियों से बचाने के लिए लाखों रुपयों की लागत से अस्थाई गौशालाओं का निर्माण कराया गया था।जिसमें क्षेत्र की सभी पांचों गौशालाओं को मिलाकर लगभग 200 गोवंशों को रखा गया है।साथ ही प्रत्येक गौशालाओं में गोवंशों की देख रेख के लिए गौरक्षकों की नियुक्ति की गयी है।साथ ही गोवंशों के लिए भूसे की सप्लाई सप्लायरों द्वारा किया जाता है।विगत 4 माह से जानवरों के चारे पानी के लिए शासन द्वारा निर्धारित 30 रुपये प्रति जानवर के हिसाब से मिलने वाला बजट उन्हें नहीं मिला है।वहीं श्रमिकों को दिया जाने वाला वेतन भी नहीं मिल पाया है।सप्लायर भी भुगतान न होने के कारण चारों और भूसा देने से मना कर रहे हैं।प्रधानों ने बताया सासन से मिलने वाला बजट काफी कम होने के साथ साथ समय पर नहीं मिलता जिसके कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं छुट्टा पशुओं का ठीक-ठीक आंकड़ा तो प्रशासन के पास भी नहीं है।