
बिहार कांग्रेस में बवाल: मधुबनी दफ्तर में कार्यकर्ताओं की मारपीट, टिकट उगाही के आरोप
Bihar Congress Crisis | मधुबनी कांग्रेस दफ्तर में कार्यकर्ताओं की मारपीट, प्रदेश अध्यक्ष के सामने उड़ी मर्यादा: बिहार कांग्रेस में चल रही आंतरिक कलह अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। मंगलवार को मधुबनी स्थित कांग्रेस कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पार्टी कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान की मौजूदगी में हुआ।
हार की समीक्षा बैठक में मचा बवाल
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस कार्यालय में बैठक बुलाई गई थी। बैठक शुरू होते ही संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में बहस ने हिंसक रूप ले लिया और कार्यकर्ता एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडों को ही हथियार बना लिया।
टिकट बंटवारे और उगाही के गंभीर आरोप
मारपीट की मुख्य वजह टिकट वितरण को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं के एक गुट ने नेतृत्व पर आरोप लगाया कि जमीनी नेताओं को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से टिकट बांटे गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने तो खुलेआम पैसे लेकर टिकट देने यानी उगाही के आरोप भी लगाए। इसी आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला हाथापाई और लाठीबाजी तक पहुंच गया।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम इस दौरान मूकदर्शक बने रहे, जबकि अन्य वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं को शांत कराने की कोशिश करते दिखे। हालांकि आक्रोश इतना अधिक था कि काफी देर तक कांग्रेस कार्यालय में तनाव का माहौल बना रहा।
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के शर्मनाक प्रदर्शन ने पहले ही पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
कुल सीटें लड़ीं: 61
मिली जीत: सिर्फ 06
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही पार्टी में गुटबाजी, असंतोष और बगावती सुर तेज हो गए हैं। हाल के दिनों में पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कई नेताओं को निष्कासित भी किया गया था, लेकिन मधुबनी की यह घटना साफ संकेत देती है कि संगठन के भीतर उबाल अभी थमा नहीं है।
संगठन पर उठे बड़े सवाल
मधुबनी कांग्रेस कार्यालय में हुई यह घटना केवल एक झगड़ा नहीं, बल्कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस खुले टकराव पर क्या सख्त कदम उठाता है।
