
बर्ड फ्लू बना इंसानों के लिए बड़ा भयानक खतरा; बिहार में दस्तक
बिहारLive: बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. अब तक पटना, भागलपुर और जहानाबाद में इसके मामले सामने आ चुके हैं, जिससे सरकार सतर्क हो गई है. केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है

और प्रभावित क्षेत्रों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. पशुपालन विभाग की टीमें लगातार सैंपल जांच और फार्म सेनेटाइजेशन में जुटी हैंबर्ड फ्लू से प्रभावित मुर्गे, मुर्गी या अन्य पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से यह मनुष्यों के लिए भी घातक हो सकता है. संक्रमण के 3-5 दिनों बाद लक्षण उभरते हैं, जिनमें तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, पेट दर्द और नाक-मसूड़ों से खून आना शामिल हैं.
बिहार में लगभग हर साल बर्ड फ्लू के मामले दर्ज होते हैं. 2020 में कोरोना महामारी के दौरान पटना के कंकड़बाग में मुर्गियों में बर्ड फ्लू पाया गया था, जबकि मुंगेर में इस संक्रमण के कारण हजारों मुर्गियों को नष्ट किया गया था
अगर किसी इलाके में कौवे, कबूतर, मुर्गी या अन्य पक्षी अचानक मर रहे हैं, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पशु अस्पताल, जिला पशुपालन पदाधिकारी या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना को दें. आप ईमेल lrspatna@gmail.com पर भी जानकारी भेज सकते हैं. बिहार में बर्ड फ्लू का बढ़ता खतरा चिंता का विषय बन चुका है. सरकार और प्रशासन अलर्ट पर हैं, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. सावधानी ही बचाव है.