
भाजपा ने कानपुर देहात के पूर्व नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश ने कानपुर देहात के तीन वरिष्ठ नेताओं—पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी—के खिलाफ पार्टी आचरण के विपरीत गतिविधियों और वक्तव्यों के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी गोविन्द नारायण शुक्ल ने बताया कि सोशल मीडिया और मीडिया में पार्टी के विचारों के प्रतिकूल बयान देने की जानकारी प्राप्त हुई है। यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। नोटिस के तहत सभी आरोपित नेताओं को सात दिनों के भीतर भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। समय पर संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में उन पर पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री के समक्ष नोटिस की प्रतिलिपि भेजी गई है। पार्टी का यह कदम आंतरिक अनुशासन सुनिश्चित करने और नेताओं के किसी भी प्रकार के अनुचित आचरण को गंभीरता से लेने का संदेश माना जा रहा है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब पार्टी सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर सख्त नजर रख रही है। पार्टी का उद्देश्य स्पष्ट है कि आचार और नीतियों के खिलाफ कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
