
केरल में सियासी भूचाल, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में BJP की ऐतिहासिक जीत
केरल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। यह जीत इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह नगर निगम बीते चार दशकों से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का मजबूत गढ़ रहा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के इस प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम की जनता का आभार व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ है। उन्होंने कहा कि जनता को विश्वास है कि राज्य की विकास की आकांक्षाओं को भाजपा ही पूरा कर सकती है और पार्टी शहर में ईज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करेगी।
UDF और LDF से ऊबा केरल
प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि केरल की जनता अब UDF और LDF दोनों से ऊब चुकी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और एनडीए को मिला समर्थन इस बात का संकेत है कि लोग अब सुशासन और विकास के लिए एनडीए को एकमात्र विकल्प मान रहे हैं। पीएम मोदी ने विकसित और अवसरों से भरपूर ‘विकसित केरलम’ के निर्माण की बात भी दोहराई।
कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया श्रेय
पीएम मोदी ने इस जीत का श्रेय पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि कई पीढ़ियों से केरल में संघर्ष कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत आज रंग लाई है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम उनकी निरंतर मेहनत और समर्पण का नतीजा है।
वाम दलों और कांग्रेस को बड़ा झटका
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की जीत वाम दलों और कांग्रेस (UDF) के लिए बड़ा झटका है। यह इलाका लंबे समय से वाम और कांग्रेस का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है। खास बात यह है कि तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता शशि थरूर लगातार चार बार सांसद चुने गए हैं। ऐसे में नगर निगम में भाजपा की जीत को केरल की राजनीति में बदलते समीकरणों के तौर पर देखा जा रहा है।
