
उत्तर प्रदेश : ईंट निर्माता समिति ने ईंटों पर जीएसटी दर बढ़ाने के खिलाफ आवाज उठाई है जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मानव जीवन की तीन मूलभूत आवश्यकता रोटी कपड़ा और मकान तीनों की पूर्ति का ईंट एक प्रमुख घटक है लेकिन सरकार को जनता से कोई सरोकार नहीं है यह इस बात से साबित हो गया कि 17 सितंबर 2021 को लखनऊ में जीएसटी काउंसिल की बैठक पर ईंटों पर कर की दर बढ़ा दी गई है जो अप्रैल 2022 से प्रभावी होगी जीवन रक्षक दवाओं की तरह ईंट भी मूलभूत आवश्यकता की वस्तु हो गई है इसलिए इसे कर मुक्त करने के बजाय इस पर कर बढ़ा देना जनहित में नहीं है इसके लिए भट्टा व्यापारी इसका विरोध करेंगे।
यह जानकारी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश के ईट भट्टा संगठन उत्तर प्रदेश निर्माता समिति के अध्यक्ष श्री अतुल कुमार सिंह और महामंत्री श्री चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दी। वार्ता को संबोधित करते हुए महामंत्री श्री गोपी श्रीवास्तव ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने ईटों पर कर को बढ़ाकर सीधे जनता की अनदेखी की है जबकि पिछले 2 सालों से कोरोना महामारी के कारण निर्माता घाटे में चल रहे हैं सरकारी और गैर सरकारी कार्यों में लाल ईंटों की खपत बंद होने से भट्टों पर ईटों का स्टाक जमा हुआ है और बिक्री ना होने से इसकी दर काफी गिर गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि वाणिज्य कर कमिश्नर से पत्र लिखकर आगामी 2 वर्ष के लिए कर मुक्त किए जाने का भी अनुरोध किया था लेकिन सरकार ने इस पीड़ा पर ध्यान ना दे कर भारी कुठाराघात किया है । उन्होंने कहा कि हम इसका विरोध करते हैं। अध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने कहा कि 20 लाख तक कंपोजिशन देने का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि 40 लाख तक का व्यापार जीएसटी कर प्रणाली में पहले से ही कर मुक्त है। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार इस प्रस्ताव को तत्काल वापस ले अन्यथा ईट भट्टा व्यापारी लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए विवश होंगे । प्रेस वार्ता में समिति के अध्यक्ष अतुल कुमार सिंह महामंत्री चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव के साथ चेयरमैन रतन श्रीवास्तव उपाध्यक्ष जेपी नागपाल महामंत्री संजय सावलानी और कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद थे।