
टूटी साइकिल, मजबूत इरादे – ज़ैद की कहानी ने सोशल मीडिया को हिला दिया!
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से आई एक मार्मिक और प्रेरणादायक कहानी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह कहानी है एक छोटे से स्कूली बच्चे मोहम्मद ज़ैद की, जो बेहद गरीबी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है।

ज़ैद रोज़ाना एक बेहद जर्जर और टूटी-फूटी साइकिल से स्कूल जाता है। उस साइकिल में न हैंडल सही है, न ब्रेक काम करते हैं, न गद्दी है और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था। इसके बावजूद, ज़ैद न तो स्कूल जाना छोड़ता है और न ही अपनी हालत को रोता है। वह हर दिन उसी टूटी साइकिल को धक्का मार-मारकर स्कूल पहुंचता है, और यही उसकी ‘जिद’ है जिसने अब पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

ज़ैद का वीडियो किसी स्थानीय व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो में ज़ैद मुस्कुराते हुए अपनी टूटी साइकिल के साथ खड़ा है और बता रहा है कि उसके पास सिर्फ यही एक साधन है स्कूल जाने का। उसका सपना है कि वह पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब है। वीडियो में ज़ैद की ईमानदारी, आत्मविश्वास और सरलता ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया। कुछ ही घंटों में वीडियो वायरल हो गया और ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप तक पर छा गया। लोग ज़ैद की तारीफ कर रहे थे, उसकी मदद के लिए आगे आ रहे थे और सरकार से अपील कर रहे थे कि इस बच्चे को सपोर्ट दिया जाए।
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला **पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव** तक भी पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिलेश यादव ने खुद इस वीडियो को देखा और गहरी संवेदना जताई। उन्होंने पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि ज़ैद तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए। कुछ ही दिनों में समाजवादी पार्टी की टीम ज़ैद के घर पहुंची और उसे **नई साइकिल, स्कूल बैग, ड्रेस और अन्य जरूरी सामान** उपहार स्वरूप दिया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह घटना ज़ैद और उसके परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी।
अखिलेश यादव ने ज़ैद की जिद और लगन की खुले दिल से सराहना की और कहा कि यही बच्चे देश का भविष्य हैं, जिन्हें अगर सही समय पर सहारा मिल जाए तो ये आने वाले समय में देश का नाम रौशन करेंगे। समाजवादी पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि आगे ज़ैद की पढ़ाई और अन्य ज़रूरतों में भी यदि किसी मदद की आवश्यकता हुई तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
ज़ैद का सपना है कि वह एक दिन **बड़ा अधिकारी** बने ताकि अपने परिवार की स्थिति सुधार सके और अपने जैसे अन्य गरीब बच्चों की भी मदद कर सके। उसकी यह जिद, जुनून और मेहनत देश के उन लाखों बच्चों की आवाज़ बन गई है जो अभाव में भी शिक्षा का सपना नहीं छोड़ते। ज़ैद की कहानी सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है — कि सच्चे इरादों और मेहनत के आगे संसाधनों की कमी कभी भी रुकावट नहीं बन सकती। यह उस भारत की तस्वीर है, जहां जज़्बा है, हौसला है और कुछ कर दिखाने की आग है, चाहे हालात कैसे भी हों।
इस पूरी घटना ने यह भी दिखा दिया कि अगर समाज और राजनीति संवेदनशील हो, तो छोटे-से छोटे बच्चे की भी आवाज़ सुनी जा सकती है, और मदद तुरंत पहुंचाई जा सकती है। ज़ैद की जिद अब सिर्फ उसकी नहीं रही, वह अब पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है।