
भैंस-चोरी’ दावा किया-निकले वोट चोर!
इंडिया LIVE:2025 के चुनावी माहौल में बिहार एक बार फिर राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। हाल ही में कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,
“भैंस तो छोड़ो, इन्होंने तो आपके वोट चुरा लिए हैं।”
प्रियंका गांधी का यह बयान प्रतीकात्मक था, जो उन्होंने लोगों को यह समझाने के लिए दिया कि लोकतंत्र में मताधिकार कितना महत्वपूर्ण है और उसे लेकर कोई भी लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। यह टिप्पणी उन्होंने उस संदर्भ में दी जब उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा, चुनावों में वोटों की हेराफेरी कर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
प्रियंका राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में भाग ले रही हैं, जिसका उद्देश्य देशभर में मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इस यात्रा में यह संदेश दिया जा रहा है कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब हर वोट निष्पक्ष रूप से डाला जाए और हर नागरिक को वोट देने का पूरा मौका मिले।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि,
“हम बिहारी किसी तानाशाही के सामने झुकने वाले नहीं हैं।”
तेजस्वी ने यह भी जोड़ा कि बिहार की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है और उन्हें पता है कि किसने उनके लिए काम किया है और किसने सिर्फ वादे किए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव या सत्ता के डर से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
तेजस्वी और प्रियंका दोनों के बयानों से यह स्पष्ट है कि विपक्ष 2025 के चुनाव में केंद्र सरकार को सीधे चुनौती देने के मूड में है। उनके भाषणों में आम जनता की समस्याओं, लोकतंत्र की रक्षा, महंगाई, बेरोज़गारी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जा रहे हैं।
प्रियंका गांधी की भाषा में व्यंग्य और आक्रोश दोनों था, जो दर्शकों को आकर्षित करने और राजनीतिक संदेश को गहराई से पहुँचाने में मदद करता है। वहीं, तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया से यह संकेत मिला कि विपक्षी दल एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने को तैयार हैं।