
बरेली में अवैध बरातघर पर बुलडोज़र
यू पी Live:उत्तर प्रदेश के बरेली से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है, जहाँ नगर निगम और जिला प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाते हुए 1200 वर्गमीटर में बने एक अवैध बरातघर पर बुलडोज़र चला दिया। यह कार्रवाई लंबे समय से दर्ज शिकायतों और नोटिस के बावजूद निर्माण न हटाए जाने के बाद की गई। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध था और सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाया गया था।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित बरातघर के मालिक को पहले कई बार नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज़ पेश करने और अवैध हिस्से को स्वयं हटाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन तय समय सीमा के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद कानून के तहत सख़्त कदम उठाने का फैसला लिया गया।
आज सुबह भारी पुलिस बल और नगर निगम की टीम मौके पर पहुँची। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके बाद बुलडोज़र की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जो कई घंटों तक चली। कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।

नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उनका कहना है कि शहर में अवैध निर्माण न केवल सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा बढ़ा रहे हैं, बल्कि यातायात, सुरक्षा और शहरी व्यवस्था के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।

वहीं, कार्रवाई के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएँ भी शुरू हो गईं। कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि अवैध निर्माणों पर सख़्ती ज़रूरी है, जबकि कुछ लोगों ने इसे अचानक की गई कार्रवाई बताया। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया नियमों और कानूनी दायरे में रहकर की गई है।
प्रशासन का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में बरेली के अन्य इलाकों में भी अवैध निर्माणों पर इसी तरह की सख़्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह का निर्माण करने से पहले संबंधित विभाग से अनुमति ज़रूर लें, ताकि भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, बरेली में यह बुलडोज़र कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि अवैध निर्माण पर प्रशासन का रुख सख़्त है, और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।