
पद्मश्री मोहम्मद शाहिद के घर Bulldozer की दहाड़।
Uttar Pradesh Live:वाराणसी में पद्मश्री से सम्मानित दिवंगत हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के पैतृक घर पर नगर निगम द्वारा बुलडोजर चलाए जाने का मामला सामने आया है। यह कार्रवाई कचहरी से पुलिस लाइन तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत की गई। इस अभियान में शाहिद के मकान का भी एक हिस्सा ढहा दिया गया। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जिन मकानों पर कार्रवाई हुई, वे अतिक्रमण की श्रेणी में आते थे और उन्हें पहले ही नोटिस दिया जा चुका था।

हालांकि, मोहम्मद शाहिद के परिजनों ने दावा किया कि न तो उन्हें उचित मुआवजा दिया गया और न ही समय पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
शाहिद की पत्नी परवीन शाहिद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मुआवजे में पारदर्शिता और समानता होनी चाहिए। परिवार की भाभी नाजनीन ने बताया कि उनके पास रहने के लिए अब कोई और घर नहीं बचा है। विरोध के दौरान स्थानीय लोग बुलडोजर के सामने हाथ जोड़ते और गिड़गिड़ाते भी नजर आए, वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि हाईकोर्ट से स्टे (रोक) आदेश होने के बावजूद प्रशासन ने मकान तोड़ने की कार्रवाई जारी रखी।
इस घटना को लेकर विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने इसे गरीबों और सम्मानित व्यक्तियों के साथ अन्याय बताया है।
यह पूरा मामला विकास और मानवता के बीच संतुलन की बहस को फिर से सामने लाता है — जहां एक ओर शहर की सुविधाएं बढ़ाने की बात है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों की गरिमा और अधिकार भी दांव पर हैं।