
बाराबंकी : पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अरविंद चतुर्वेदी ने एक आदेश जारी करते हुए 3 पुलिसकर्मियों के ऊपर मुकदमा दर्ज कराया है आपको बता दें कि राहुल सिंह पुत्र हुकुम सिंह निवासी मूली गंज मसौली जनपद बाराबंकी ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र देते हुए शिकायत किया था कि 4 पुलिसकर्मियों एक सफेद रंग की ब्रेजा कार से आए और उन्हें उठा ले गए उसके बाद पवन कुमार वर्मा के प्राइवेट आवास जो कोठी थाना क्षेत्र के उस्मानपुर के पास स्थित है उस आवास में रखकर डराया धमकाया और मादक पदार्थों की तस्करी के मुकदमे में फंसाने की धमकी दिया ।
तीन लाख रुपए लेने के बाद उन्हें छोड़ा, फिलहाल राहुल सिंह के मुताबिक आरक्षी जमाल, आरक्षी आशीष, आरक्षी नीलेश अमित शामिल है गौरतलब है कि आरोप बड़ा था और पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में एक टीम गठित कर जांच कराया, जिसमें आरक्षी अमित इस मामले में सम्मिलित ना होने का मामला आया तथा तीन आरक्षी इस मामले में दोषी पाए गए जिनके ऊपर पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी के निर्देश पर धारा 389 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 की धारा 7 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।
फिलहाल उन पुलिसकर्मियों के ऊपर शिकायत के दौरान ही पुलिस अधीक्षक ने कार्यवाही करते हुए लाइन हाजिर कर दिया था तो इसी दौरान शिकायतकर्ता का आरोप था कि थाना प्रभारी शैलेश कुमार यादव के सह पर इस घटना को अंजाम दिया गया है था, फिलहाल इस जांच में थाना प्रभारी शैलेश कुमार यादव को क्लीन चिट मिल गई और उन्हें इस मामले में दोषी नहीं पाया गया है, गौरतलब है कि अगर थाना प्रभारी शैलेश कुमार यादव की कार्यशैली की बात किया जाए तो कार्यशैली क्षेत्र में काफी अच्छी देखने को मिलती है,
जब से थाना प्रभारी कोठी थाना का चार्ज संभाला तबसे कई दर्जन गुड वर्क करने के साथ-साथ थाने का निर्माण कराने में अपना अहम योगदान दिया, वहीं क्षेत्र की जनता ने कई बार फूल माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया , कहा जाता है कि कोठी थाना क्षेत्र में अवैध खनन काफी जोरों से हुआ करता था लेकिन जब से थाना प्रभारी शैलेश कुमार यादव आए तब से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया और आज खनन पूरी तरीके से बंद है, थाना प्रभारी सुबह से लोगों की जन समस्याएं सुनने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के लिए लगे रहते हैं। क्षेत्र की जनता कार्य की प्रशंसा करती है।