
लखनऊ: आरएनएस पिता की मेहनत और ईमानदारी का सम्मान करना चाहिए और उनके आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए वे हमेशा घर और परिवार का भला ही सोचते हैं उक्त बातें मंगलवार को स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव ने मड़ियांव गांव स्थित सी.एफ.एंड्रूज एकेडमी के बच्चों को बतायीं।इस मौके पर बच्चों ने संकल्प लिया कि वे अपने पिता का आदर और उनकी मेहनत का सम्मान करेंगे स्कूली छात्रों को नैतिक शिक्षा देने के उद्देश्य से लोक संस्कृति शोध संस्थान की श्रृंखला दादी-नानी की कहानी जीतेश की जुबानी कार्यक्रम में रंगा राजू सर नामक कहानी सुनाई गई कहानी के माध्यम से बच्चों में प्रेरणात्मक भाव भरे गये कार्यक्रम की शुरुआत टंग ट्विस्टर के माध्यम से उच्चारण अभ्यास के साथ हुआ। विद्यालय के प्रबन्धक वीरेन्द्र बहादुर सिंह यादव ने कथा प्रस्तोता स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव लोक संस्कृति शोध संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी राजनारायण वर्मा शम्भुशरण वर्मा एवं डॉ एस के गोपाल का स्वागत किया।
स्टोरीमैन जीतेश ने कहानी की शुरुआत एक शिक्षक रंगा राजू सर की ईमानदारी और अपने शिष्यों के प्रति उनके विशेष स्नेह भाव से की जो बिना शुल्क के भी बच्चों को पढ़ाते कालांतर में नौकरी पाकर उनका उच्चशिक्षित बेटा अपने पिता को तिरस्कार के भाव से देखता था इस बीच घटे घटनाक्रमों के बीच बेटा जिस कंपनी में नौकरी करता था उसके मुखिया ने रंगा राजू सर को देखा तो उनके पैरों में लोट गया वह बचपन में अपनी गरीबी के दिनों में रंगा राजू सर की बदौलत ही पढ़ पाया था। कहानी के बाद प्रश्नोत्तर सत्र में कहानी से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिये।