
सिविल डिफेंस ने राजकुमार अकादमी में कराया आपदा प्रबंधन का मॉकड्रिल, बच्चों को दिए जीवन रक्षक टिप्स
लखनऊ, 22 मई: आपदा की स्थिति में जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से सिविल डिफेंस लखनऊ द्वारा आज मेंहदीगंज स्थित राजकुमार अकादमी में मॉकड्रिल एवं आपदा प्रबंधन प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व चीफ़ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान अमरनाथ मिश्रा ने हवाई हमलों से बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि युद्ध के समय सायरन की आवाज से नागरिकों को सतर्क किया जाता है। उन्होंने बताया कि यदि दो मिनट तक ऊंची-नीची आवाज वाला सायरन सुनाई दे तो यह हवाई हमले का संकेत होता है। ऐसे में नागरिकों को तुरंत शरण लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि खुले स्थान पर होने की स्थिति में व्यक्ति को पेट के बल लेटकर कमर ऊपर उठाकर, आंखें बंद करके, कानों को हाथ से ढककर और दांतों के बीच रुमाल दबाकर अपनी रक्षा करनी चाहिए। यह तकनीक बम के प्रभाव से आंख, कान, जीभ और हृदय जैसे संवेदनशील अंगों को सुरक्षित रखने में सहायक होती है।वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा ने सिविल डिफेंस की भूमिका और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सिलेंडर में लगी आग को कंबल और प्लास्टिक की बाल्टी से बुझाने का प्रदर्शन किया। साथ ही बच्चों को तरल पदार्थ और लकड़ी में लगी आग पर नियंत्रण पाने के तरीके भी सिखाए।सहायक उपनियंत्रक मुकेश कुमार ने कम्बल, बोरे और बांस के डंडों से बनावटी स्ट्रेचर बनाना सिखाया, जिससे घायलों को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके।
इस अवसर पर राजकुमार अकादमी के प्रबंधक राजीव बक्शी एवं प्रधानाचार्य अनूप राज ने चीफ़ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा, मनोज वर्मा और मुकेश कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मॉकड्रिल आयोजन में सहयोग करने वाले राजाजीपुरम प्रखंड के सेक्टर वार्डन रामगोपाल सिंह, स्टॉफ ऑफिसर आयजुद्दीन सिद्दीकी, मयंक कुमार, रेखा मिश्रा, जितेन्द्र कुमार अरोड़ा, शिवम् श्रीवास्तव, विजय कुमार धाकरे, विद्यावती राठौर, अमान खान, अमोघ लहरी सहित अन्य वार्डनों को भी सम्मानित किया गया।सिविल डिफेंस की यह पहल बच्चों और आम नागरिकों को आपदा के समय सतर्कता, साहस और सजगता से कार्य करने की दिशा में प्रभावी कदम मानी जा रही है।
