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प्रदर्शन की सूचना के बाद पुलिस छावनी में तब्दील हुआ घंटाघर

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महिला संगठन द्वारा प्रदर्शन के ऐलान के बाद सक्रिय हुए पुलिस के अधिकारी

लखनऊ : के ऐतिहासिक घंटाघर का मैदान एक बार फिर पुलिस छावनी में तब्दील नज़र लखनऊ का यह वही ऐतिहासिक घंटा घर का मैदान है जहां जनवरी के महीने में लगातार 2 महीनों तक महिलाओं ने सीएए एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन किया था। एसीपी चौक आईपी सिंह ने बताया कि खबर मिली थी कि महिला संगठन की तरफ से अंबेडकर नगर और हाथरस के मामले को लेकर घंटाघर के मैदान में प्रदर्शन करने की तैयारी हैं उन्होंने बताया कि घण्टा घर पर प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नही ली गई थी इस लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर घंटा घर के आसपास पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया था

उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि शाम 7 बजे कुछ लोग यहां प्रदर्शन करेगे इसी के मद्देनजर पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था, लेकिन 7 बज गया और कोई भी प्रदर्शनकारी यहां प्रदर्शन के लिए नही आया डीसीपी पश्चिम देवेश पाण्डेय ने बताया कि एलआईयू की रिपोर्ट थी कि कुछ लोग बिना अनुमति के यहां प्रदर्शन कर सकते है इसी के मद्दे नज़र लखनऊ क्षेत्र के घण्टा घर के आसपास एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था।

आपको बता दें कि 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ में सीएए, एनआरसी के खिलाफ हुए उग्र प्रदर्शन के बाद लखनऊ के ऐतिहासिक घंटाघर के मैदान में जनवरी माह से महिलाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया गया था जो लगातार 2 महिनों से भी ज़्यादा समय तक जारी रहा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच कई बार तीखी नोक झोंक ही हुई थी पुलिस पर महिलाओं को परेशान करने के आरोप भी लगे पुलिस ने कई मुकदमे लिखे और तमाम लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। करीब 66 दिनों तक घंटाघर के मैदान में लगातार चले महिलाओं के प्रदर्शन को पुलिस के आला अफसरों ने समाप्त कराने के अनेक प्रयास किए थे लेकिन महिलाएं मानने को तैयार नहीं थी।

कोरोना काल आते ही महिलाओं ने कोरोना की रोकथाम के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए धरना प्रदर्शन को खुद ही समाप्त दिया था। हालांकि सीएए, एनआरसी के खिलाफ घंटाघर के मैदान में धरना देने के लिए एकत्र हुए सैकड़ों महिलाएं कोरोना काल में भी अपना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए राजी नहीं थी, लेकिन कई तरीके से महिलाओं को कोरोना का खतरा बताया गया और समझा-बुझाकर उन्हें कोरोना से बचाव के लिए धरना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए राजी किया गया जिसके बाद 66 दिनों तक लगातार चले प्रदर्शन के बाद यह प्रदर्शन समाप्त हो गया था।

आज एक बार फिर पुलिस को सूचना मिली कि हाथरस और अंबेडकरनगर! में हुए गैंगरेप की घटनाओं के विरोध में महिला संगठन द्वारा घंटाघर के मैदान में विरोध प्रदर्शन शाम 7 बजे बिना अनुमति किए जाने की तैयारी है । बिना अनुमति के कोई प्रदर्शन ना हो इसके लिए घंटा घर के आसपास पुलिस का सख्त पहरा लगा दिया गया। पुलिस के आला अफसर भी मौके पर मुस्तैद रहे शाम 7 बज गया, लेकिन यहां पर कोई भी प्रदर्शन कारी नज़र नही आया और ना ही किसी तरह का कैंडल मार्च ही किसी ने निकाला।

जनवरी के महीने में जब यहां महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू किया था तब पुलिस को ये एहसास नही हुआ था कि महिलाओं का ये प्रदर्शन 2 महीनों से भी ज़्यादा समय तक चलेगा इस बार पुलिस किसी भी तरह की चूक नही होने देना चाहती थी इस लिए एहतियात के तौर पर घण्टा घर और आसपास बिना अनुमति के कोई प्रदर्शन कारी नज़र न आसके इस लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स को लगाया गया था।

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