
रायबरेली : एसजेएस की शिक्षिका सुप्रिया घोष के असमय निधन पर आज स्कूल प्रांगण में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए संस्थान के जन सम्पर्क अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि लंबे समय से एसजेएस में अपनी सेवाएं दे रही सुप्रिया घोष का विगत दिनों निधन हो गया था। बीती 19 अक्टूबर को उनका एक्सिडेंट हो गया था उसके बाद उनका इलाज एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। लेकिन बीती 9 नवंबर को उनका इलाज के दौरान निधन हो गया। 60 वर्षीय स्वर्गीय सुप्रिया घोष के पति एस के घोष एसजेएस में अपनी सेवाएं दे चुके है।
उनकी एक पुत्री एक निजी स्कूल में शिक्षिका है।
दिवंगत शिक्षिका के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए एसजेएस ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन रमेश बहादुर सिंह ने कहा कि उन्होंने एसजेएस को एक लंबा वक्त दिया था।उनके निधन से जो क्षति हुई है वो पूरी नही हो सकती है।उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय से उनको एक जुड़ाव था यही वजह थी कि बीमार होते हुए भी स्कूल आती रही। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉक्टर बीना तिवारी ने कहा कि उनके जाने से स्कूल का एक स्तंभ टूट गया था। 31 साल की सेवाएं कम नही होती है।वो एक जिंदादिल इंसान थी।उनके चले जाने से अपूरणीय क्षति हुई है। संस्थान के परीक्षा प्रभारी बीएस तिवारी ने भी उनको श्रद्धांजलि देते हुए उनसे जुड़े संस्मरण को साझा किया। कार्यक्रम में सभी स्कूल यूनिट प्रिंसिपल और समस्त अध्यापक और स्टाफ उपस्थित रहे।