
इल्म की रहनुमाई और ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का संगम ; वफ़ा अब्बास
Ambar Foundation News:अल्लाह की तौफ़ीक़ और अहलेबैत (अ.) की दुआओं से
आज मुझे यह सआदत हासिल हुई कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति प्रो. अजय तनेजा साहब से मुलाक़ात का शरफ़ नसीब हुआ।

प्रो. साहब की शख़्सियत में इल्म की गहराई, अदब की नफ़ासत और रहनुमाई का जज़्बा साफ़ झलकता है। उन्होंने जिस तरह से विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया—NAAC से B++ ग्रेड, बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कानून पाठ्यक्रम की मान्यता, और हज़ारों ग़रीब व काबिल छात्रों के लिए “अभयुदय कोचिंग सेंटर”—वह वाक़ई क़ाबिले-तारीफ़ है।

इस मुलाक़ात में मेरी छोटी-सी कोशिशों को—कलेक्टर बिटिया, डॉक्टर बिटिया, 2000 मोतियाबिंद ऑपरेशन, 25,000 चश्मों का वितरण, 1000 बच्चों की फीस, “हुसैनी लहू देश के लिए” ब्लड डोनेशन कैम्प और ठंडक में बच्चों को स्वेटर बाँटना—एक शील्ड देकर सराहा गया।
इस मौके पर डॉ. नीरज शुक्ला, प्रॉक्टर, KMC यूनिवर्सिटी और मोहसिन हैदर, स्टेट एक्रेडिटेड जर्नलिस्ट भी मौजूद रहे,
जिनकी मौजूदगी ने इस लम्हे को और भी यादगार बना दिया।
हमने आगे मिलकर यूनिवर्सिटी की बेटियों को “कलेक्टर बिटिया” जैसी मुहिम के लिए तैयार करने और आँखों के बड़े कैम्प आयोजित करने पर अहम बातचीत की।
दुआ है कि रब्बेे करीम हमें नेक नियत और इन्सानियत की ख़िदमत में हमेशा क़ामयाब रखे।