
नदियों के खतरे के निशान से बहाव लगभग 40 मीटर
वर्तमान में नदियों की बहाव स्थिति 34 मीटर लगभग।
माधौगढ़ (जालौन) पचनदा में बहने वाली नदियाँ उफान पर पर है उनके बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है यह परेशानी ग्रामीणों के लिये कोई नयी नही है पिछले साल भी अगस्त में आयी बाढ़ से दो दर्जन से अधिक गाँव प्रभावित हुए थे पिछले साल का बाढ़ दंश ग्रामीणों के लिए खत्म नही हो पाया था कि इस बार भी बाढ़ ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है नदियों के निरंतर बढ़ रहे जलस्तर से एक – दूसरे गाँव का संपर्क भी टूटने लगा है जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों को अलर्ट नही किया गया जबकि पिछले साल आयी बाढ़ विभीषिका ने कुछ गाँव का तबाही का मंजर इस कदर दिखाया कि ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया किसी तरह साल भर की मेहनत से ग्रामीण पटरी पर लौटने लगे तो बाढ़ के संकेत ने फिर से दहशत में डाल दिया नदियों का जलस्तर 24 घण्टे में 8 मीटर बढ़ने से लोगों में भय व्याप्त हो गया है इस बार भी बाढ़ आशंका बढ़ती जा रही है रामपुरा क्षेत्र के अन्तर्गत सिंध व पहूज के किनारे बसे गाँव बिल्हौड़ , हुकुमपुरा , जेखता , सुल्तानपुरा , में नदियों का जलस्तर बढ़ने से गाँवों का संपर्क टूट चुका है ग्रामीण जखेता राकेश , हरिराम , सुरेश , धनीराम का कहना है कि रामपुरा जाने के सभी गाँव का संपर्क टूट चुका है नदियों का पानी निरंतर बढ़ने से गाँव बाहर निकलने के लिये महज 3 किलो मीटर का कच्चा रास्ता ही है अभी तक प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम नही किये है यदि हालात बिगड़ते है तो ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा अबतक सुरक्षा के लिहाज से ना कोई सुरक्षा कर्मी न ही कोई बाढ़ चौकी बनायी गयी है।