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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बीमा कम्पनी से ₹25 लाख हड़पने वाले दंपत्ति गिरफ्तार

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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बीमा कम्पनी से ₹25 लाख हड़पने वाले दंपत्ति गिरफ्तार

लखनऊ: थाना हजरतगंज पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाकर बीमा कम्पनी से 25 लाख रुपये का दावा करने वाले दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अमित कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त (मध्य) विक्रान्त वीर, अपर पुलिस उपायुक्त जितेन्द्र कुमार दूबे तथा सहायक पुलिस आयुक्त हजरतगंज विकास जायसवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने यह गिरफ्तारी की।
थाना हजरतगंज पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम रवि शंकर पुत्र स्वर्गीय हीरालाल तथा केश कुमारी पत्नी रवि शंकर हैं। दोनों मूल रूप से रायबरेली के एम-5/77, प्रगतिपुरम कॉलोनी, रातापुर के निवासी हैं और वर्तमान में जानकीपुरम, सीतापुर रोड, लखनऊ में किराये पर रह रहे थे। रवि शंकर कलेक्शन एजेंट का काम करता है जबकि उसकी पत्नी गृहिणी है।मामले की शुरुआत तब हुई जब अवीवा इंडिया बीमा कम्पनी के अधिकारी संदीप मधुकर ने 9 अक्टूबर 2025 को थाना हजरतगंज में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर 2012 को रवि शंकर के नाम से 25 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी जारी की गई थी। लेकिन 21 अप्रैल 2023 को रवि शंकर की पत्नी केश कुमारी ने कम्पनी में यह दावा पेश किया कि उनके पति की मृत्यु 9 अप्रैल 2023 को हो गई है। कम्पनी को प्रस्तुत किए गए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर बीमा कम्पनी ने दावा स्वीकार कर लिया और एनईएफटी के माध्यम से 25 लाख रुपये केश कुमारी के खाते में भेज दिए।बाद में कम्पनी की आंतरिक जांच में यह खुलासा हुआ कि बीमाधारक रवि शंकर वास्तव में जीवित हैं और मृत्यु का दावा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किया गया था। यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था।तहरीर के आधार पर थाना हजरतगंज में मुकदमा अपराध संख्या 284/2025 धारा 420, 465 भादंवि के तहत दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने पर धाराएँ 467, 468, 471 और 120बी भादंवि की बढ़ोत्तरी की गई। पुलिस टीम ने 4 नवम्बर 2025 को दोनों अभियुक्तों को थाने पर बुलाकर पूछताछ की, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद रात करीब 9 बजे दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अशफाक अहमद, उपनिरीक्षक इरफान अहमद, महिला कांस्टेबल कविता और महिला कांस्टेबल कल्पना शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को आवश्यक कार्यवाही के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

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