
उत्तर प्रदेश में दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध समितियों के गठन व दुग्ध उपार्जन में कमी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
उत्तर प्रदेश में दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध समितियों के गठन व दुग्ध उपार्जन में कमी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रदेश के दुग्ध संघों के महाप्रबंधकों को चेतावनी दी है कि यदि दुग्ध समितियों का गठन न किया गया या दुग्ध उपार्जन में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दुग्ध संघ आजमगढ़ एवं प्रयागराज के महाप्रबंधकों के विरुद्ध भी कार्यवाही के आदेश जारी किए हैं। साथ ही मिर्जापुर, चित्रकूट, बस्ती, गोण्डा, कानपुर नगर, मेरठ तथा मुजफ्फरनगर के महाप्रबंधकों को भी चेतावनी दी गई है।श्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी योजना के लक्ष्यों की पूर्ति में विलम्ब या कमी होने पर संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने और कठोर कार्रवाई करने का प्रावधान लागू होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी किसानों का शत-प्रतिशत बकाया दुग्ध मूल्य समय पर भुगतान किया जाए।मंत्री की अध्यक्षता में पीसीडीएफ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रदेश के दुग्ध संघों के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधकों से कहा कि वे नई समितियों का गठन करें और सदस्यों को स्वदेशी गौपालन के लिए चल रही योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने पराग उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, पराग बूथों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी मिल्क बूथों को व्यवसायिक रूप में संचालित करने पर जोर दिया। पूरे प्रदेश में पराग उत्पादों की पैकेजिंग में एकरूपता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।धर्मपाल सिंह ने महाप्रबंधकों को दुग्ध संघों की हानि कम करने और उनके सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने मार्केटिंग कार्यों को प्रभावी बनाने के साथ-साथ समितियों की संख्या बढ़ाने, निष्क्रिय समितियों को सक्रिय करने और संचालित समितियों को बंद न होने देने पर भी बल दिया। मंत्री ने किसानों और पशुपालकों को प्रशिक्षित कर नई तकनीकों व जानकारियों से अवगत कराने की आवश्यकता भी रेखांकित की ताकि प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ाया जा सके।बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि दुग्ध मूल्य भुगतान में कोई विलम्ब नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को समितियों की संख्या बढ़ाने और लक्ष्य पूरे करने के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य पूरा न होने या संघ के लगातार घाटे में रहने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस बैठक में पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्रा, पीसीडीएफ के डॉ. मनोज तिवारी, श्रीमती नयन तारा, डॉ. राम सागर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
