
नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली की पुलिस ने एक अनोखा रिकॉर्ड कायम किया है। रिकॉर्ड यह है कि पुलिस ने इतिहास में पहली बार एक मामले में 54 हज़ार पेज की चार्जशीट तैयार की है। खास बात यह है कि इसे कोर्ट में भी दाखिल किया जा चुका है। यह एक ही मामले में 952 लोगों के खिलाफ 60 चार्जशीट हैं। कोरोना से सुर्खियों में आया निज़ामउद्दीन मरकज़ का मामला इसी चार्जशीट से जुड़ा हुआ है। निजामुद्दीन मरकज का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। 908 विदेशी जमातियों को अब तक दोषी ठहराया जा चुका है। जुर्माना भरने के बाद सभी अपने देशों को वापस भी जा चुके हैं। कुछ का ट्रायल अभी दिल्ली की अलग-अलग अदालतों में चल रहा है
मौलाना साद के खिलाफ चार्जशीट तैयार
मरकज़ से जुड़े इस मामले में वहां के प्रमुख मौलाना साद के खिलाफ भी चार्जशीट तैयार हो चुकी है। लेकिन, इसे कब तक कोर्ट में दाखिल किया जाएगा, यह अभी तय नहीं है। गौरतलब है कि अभी तक मौलाना साद की गिरफ्तारी की बात भी सामने नहीं आई है। चार्जशीट से पहले भी मौलाना साद की गिरफ्तारी होगी या नहीं यह एक बड़ा सवाल है। इस मामले में सबसे ज़्यादा हो-हल्ला मौलाना साद को लेकर ही हुआ था। मौलाना साद से पूछताछ और उनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी के कुछ शहरों में भी छापेमारी की थी
44 का चल रहा ट्रायल, 908 जमाती भर चुके हैं जुर्माना
इस मामले में अभी तक मरकज से जुड़े 908 विदेशी जमातियों को सजा मिल चुकी है। साथ ही 5 से 10 हज़ार रुपये तक जुर्माना भरने के बाद उन्हें रिहा भी कर दिया गया है। वो अब अपने देश भी वापस जा चुके हैं, लेकिन 44 विदेशी जमाती ऐसे भी हैं। जिनके खिलाफ सुनवाई अभी चल रही है। इनके खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। गौरतलब रहे कि यह सभी विदेशी जमाती 36 देशों से ताल्लुक रखते हैं