
दिल्ली : के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और दिल्ली पुलिस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया। इस दौरान ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने भाजपा और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुलिस पर केंद्र सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल ने इन्हें किसानों के लिए जेल बनाने से रोका तो आज इन्होंने मुख्यमंत्री के घर को जेल बना रखा है। क्या अब यह पुलिस तय करेगी कि मुख्यमंत्री किससे मिलेंगे और किससे नहींसिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को हाउस अरेस्ट करके रखा है, लोग मिलने जाना चाह रहे हैं वो (पुलिस) कह रहे हैं कि आईडी कार्ड दिखाओ। मुख्यमंत्री कैदी हैं जिनसे मिलवाने के लिए पुलिस 2-3 लोगों को लेकर जाएगी
सीएम ऑफिस कह रहा है कि लोगों को आने दो, लेकिन पुलिस अंदर नहीं जाने दे रही है। सीएम से मिलना है या नहीं यह पुलिस तय कर रही है सीएम नहीं? फिर भी बीजेपी और उसकी पुलिस बेशर्मी से कह रही है कि सीम को नजरबंद नहीं किया हुआ है। नजरबंदी/हाउस अरेस्ट और क्या होता है मैं सीएम के घर के बाहर के रास्ते पर बैठा हूं। पुलिस ने MLA, मंत्री, सांसद, कार्यकर्ता, आम आदमी सबको रोक रखा है। किसी को भी सीएम के घर नहीं जाने दे रहे हैं और पुलिस के अफसर झूठा बयान दे रहे हैं कोई हाउस अरेस्ट नहीं है। पुलिस किससे निर्देश ले रही है। सीएम को नजरबंद किसके इशारे पार किया गया है
सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी किसानों और सीएम अरविंद केजरीवाल से नाराज है। कल जब अरविंद केजरीवाल किसानों से मिलने सिंघु बॉर्डर गए थे, उसके बाद से बीजेपी बुरी तरह घबरा गई है, बीजेपी नेताओं ने उसके बाद से अरविंद केजरीवाल को हाउस अरेस्ट कर रखा है। बीजेपी को डर है कि कहीं अरविंद केजरीवाल किसानों के समर्थन में सड़क पर न निकल आएं। बीजेपी को लगता है कि केजरीवाल भारत बंद के पक्ष में सड़कों पर उतरेंगे और किसानों के लिए बोलेंगे उनसे पहले कुछ और ‘आप’ विधायकों और कार्यकर्ताओं की भी दिल्ली पुलिस से सीएम को घर में नजरबंद किए जाने को लेकर नोकझोंक होती रही, लेकिन पुलिस शुरू से ही इन आरोपों का खंडन कर रही है
पुलिस ने ‘आप’ के आरोपों बेबुनियाद बताया
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को घर में नजरबंद करने के आम आदमी पार्टी (आप) के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उत्तरी दिल्ली के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सोमवार शाम भी कहीं निकले थे और रात करीब 10 बजे वापस लौटे थे, इसलिए इस तरह के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर ‘आप’ और बीजेपी कार्यकर्ताओं के टकराव को रोकने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया है और मुख्यमंत्री के आने-जाने या उनसे किसी के मिलने पर कोई रोक नहीं है। सीएम केजरीवाल के आवास के बाहर जो तैनाती दिख रही है वह सीएम की सुरक्षा के लिए नियमित तैनाती है। हम सीएम आवास के साथ समन्वय कर रहे हैं। वह जिस किसी को भी अंदर आने देना चाहते हैं, हम उन्हें अनुमति देंगे।