
बीकेटी, लखनऊ।कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने इटौंजा माल रोड पर लासा देवी मंदिर के पास के स्थित आदि गंगा गोमती घाट पर स्नान कर लासा देवी मंदिर परिसर में दान पूण्य किया।इसी के साथ यहाँ का ऐतिहासिक मेले का भी शुभारंभ हुआ।मेले में सुरक्षा के लिए एसओ इटौंजा रविंद्र कुमार पुलिस बल के साथ सुबह से ही भ्रमण करते रहे। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर प्रत्येक वर्ष यहाँ पर दूर दराज से श्रद्धालु पवित्र स्नान और दान पुण्य कर अर्जित करने आते हैं।खेती किसानी से संबधित औजार तथा मिटटी का वर्तन बहुतायत बिकते हैं। मेले में झूला और सर्कस बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।बता दें कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गोमती नदी के तट के निकट स्थित लासा देवी मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेला लगा। यहां पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ के मद्देनजर मेला परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है।लासा देवी मंदिर की मान्यता है कि जहां पर देवी जी का मंदिर है। वहां पर दलित की जमीन थी। देवी जी ने दलित को सपने में बताया कि यहां पर लासा देवी के मंदिर का निर्माण करवाया जाए। दलित ने देवी जी के मंदिर का निर्माण करवाया। इस मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 2001 करवाया गया है। तभी से मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेला लगता है।इस मेले में श्रद्धालु जाकर गोमती नदी में डुबकी लगाते हैं तथा देवी जी के दर्शन करते हैं। जो श्रद्धालु श्रद्धा से देवी जी की आराधना व स्तुति करते हैं उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। पूर्व विधायक अविनाश त्रिवेदी ने लासा देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए शासन से धन स्वीकृति करवाया था, लेकिन पता नहीं आज तक मंदिर का सौंदर्यीकरण क्यों नहीं हो सका है। प्रधान प्रतिनिधि नारायण द्विवेदी, राजेश यादव, भुवनेश्वर द्विवेदी ,अन्य मेला कमेटी के लोग उपस्थित थे