
लखनऊ में दहेज के लिए विवाहिता की मौत का मामला: पति और देवर गिरफ्तार, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में दहेज के लिए एक नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की कृष्णानगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों पति और देवर को गिरफ्तार कर लिया है।पीड़िता मीता सिंह, उम्र 28 वर्ष, की शादी 17 नवम्बर 2024 को पीलीभीत निवासी रमेश सिंह से हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद से उसका वैवाहिक जीवन दहेज की मांगों और पारिवारिक झगड़ों की भेंट चढ़ गया। मीता सिंह के भाई भूपेंद्र प्रताप सिंह, जो मूल रूप से पीलीभीत जिले के ग्राम रुद्रपुर निवासी हैं और वर्तमान में लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र स्थित ओमनगर में रह रहे हैं, ने 4 जुलाई को कृष्णानगर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी बहन को उसके पति रमेश सिंह, देवर रामनरेश सिंह और एक महिला रिश्तेदार रेखा देवी द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।तहरीर के अनुसार, 2 जुलाई को रमेश सिंह और रामनरेश के घर से बाहर जाने के बाद मीता सिंह ने अपने कमरे में सीलिंग फैन से चादर के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से पीड़िता के परिवार में कोहराम मच गया।पुलिस ने शिकायत के आधार पर मु.अ.सं. 319/2025, धारा 80(2)/85 भारतीय न्याय संहिता व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृष्णानगर थाने की ओर से दो विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीडीआर विश्लेषण और फील्ड इनपुट के आधार पर आरोपी पति रमेश सिंह और देवर रामनरेश सिंह को 7 जुलाई को डीआरएम चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में रमेश सिंह ने यह स्वीकार किया कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी से दहेज को लेकर विवाद होते रहे। 1 जुलाई को उनके बीच फिर से झगड़ा हुआ, जिसके अगले दिन मीता सिंह ने आत्महत्या कर ली।गिरफ्तार आरोपियों में रमेश सिंह, 32 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर है, जो लखनऊ के तालकटोरा विद्युत उपकेंद्र में संविदा पर कार्यरत है। वहीं उसका छोटा भाई रामनरेश सिंह, 24 वर्ष का है और उसी उपकेंद्र में कैशियर के रूप में संविदा पर तैनात है। दोनों आरोपी पीलीभीत जिले के ग्राम मोहब्बतपुर, थाना घुंघचिहाई के निवासी हैं।पुलिस का कहना है कि तीसरी नामजद आरोपी रेखा देवी की तलाश जारी है और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, पीड़िता के मायके पक्ष ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि मीता की जान लेने वालों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त दहेज लोभ की त्रासदी को उजागर किया है। जहां एक शिक्षित महिला अपनी ससुराल में निरंतर उत्पीड़न से तंग आकर मौत को गले लगाने को मजबूर हुई, वहीं लखनऊ पुलिस की सक्रियता ने इस मामले को जल्द ही सुलझाकर न्याय की दिशा में एक कदम बढ़ाया है।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता के परिजनों को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।