
संवादाता सय्यद अहसन रिज़वी
लखनऊः देश की बढ़ती मंहगाईयो के दौरान बेरोज़गारी से परेशान लोगों का हर जगह प्रदर्शन और आंदोलन देखने को मिलता हैं। एसे ही आगामी 16 अगस्त से हिन्द की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में ‘रोज़गार आंदोलन’ को संयुक्त रोज़गार समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा हैं, जिसका विषय केंद्र सरकार से यह अपील करना होगा कि, सरकार राष्ट्रीय रोज़गार नीति बनाकर संसद में कानून पास करें ताकि देश के हर नागरिक को रोज़गार की गारंटी हो सके । संयुक्त रोज़गार समिति कई संगंठनो एवं लोगों का समर्थन पाकर बना एक संगठन हैं जोकि बेराज़गारी के खिलाफ़ रोज़गार आंदोलन को आयोजित करने का कार्य कर रहा हैं । कल 23-जुलाई को लखनऊ में संयुक्त रोज़गार समिति द्वारा प्रेस वार्ता की गई जिसमें इस आंदोलन से संबंधित जानकारी को मिडिया के ज़रिए जनता तक पहुचाने का कार्य किया गया । प्रेस वार्ता में बताया गया कि इस आंदोलन में लगभग पूरे देश से 50 हजा़र से भी अधिक युवा जुड़ चुके है और उन्से बात करने के बाद हज़ारो युवाओ ने इस रोज़गार आंदोलन में शामिल होने की बात कही हैं । वार्ता के वक्ता बृजेश तिवारी ने कहा कि, आज देश में एक तरफ बेरोज़गारी चरम सीमा पर हैं और वहीं उसी हाल में महगाई भी हैं। एसे में एक व्यक्ति के लिए अपने परिवार को भरण पोषण, स्वास्थ एवं शिक्षा का ख़्याल रखना असंभव हैं । साथ ही श्रीलंका के वर्तमान हालात को मद्दे नज़र कर सरकार से जल्द से जल्द बेरोज़गारी का समाधान निकालने की बात कही। एस0आर0ए0एस0 द्वारा 20 दिसंबर को राष्ट्रीय रोज़गार नीति बनाकर कानून पास करने के लिए प्रधानमंत्री को लगभग 500 जिलों से जिलाधिकारियों और पी0एम0ओ0 के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया था, जिसका अभी तक कोई जवाब नही मिला हैं । समिति का कहना है कि इसीलिए अब उन्होनें जनता के बीच जाने और संघर्ष करने का फैसला लिया है ताकि सभी को रोज़गार की गारंटी हो सके ।