
किसान नेता राकेश टिकैत की पत्नी हैं सुनीता टिकैत, कहा छह मांगों की पूर्ति के बार्डर नहीं छोड़ेगें
दिल्ली : हाल में ही नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा तीनों केन्द्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने के कैबिनेट के निर्णय के बाद भी दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर पर किसान आंदोलन जारी है। कानून वापस लेने के ऐलान के दिन ही संयुक्त किसान मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत छह नई मांगें रख दी हैं और धरना प्रदर्शन जारी रखा हुआ है राजधानी दिल्ली यूपी के गाजीपुर बार्डर पर धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की पत्नी सुनीता रानी भी सामने आई हैं।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत की पत्नी सुनीता रानी ने भी कहा है कि जब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार कानून नहीं बना देती है, तब तक किसान प्रदर्शन वापस अपने घर नहीं लौटेंगे। सुनीता रानी ने तो यहां तक कह दिया कि दो-चार दिन में ही एमएसपी पर कानून बन जाएगा।
भाकियू नेता राकेश टिकैत के ही अंदाज में पत्नी सुनीता रानी ने कहा कि यहां तो सभी लोग घर के ही हैं, कोई बाहर का नहीं है बता दें कि राकेश टिकैत ने सौगंध खाई थी कि जब तक तीनों केंद्रीय कृषि कानून वापस नहीं ले लिए जाते हैं, तब तक वह घर नहीं लौटेंगे। ऐसा हुआ भी कुछ महीने पहले वह अपने जिले सहारनपुर तक गए, लेकिन अपने गांव और घर नहीं गए।
राकेश टिकैत की पत्नी सुनीता रानी ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक एमएसपी गारंटी कानून और 700 से अधिक किसानों की शहादत के मुद्दे पर बात नहीं करती है तब तक वे लोग आंदोलन स्थल से अपने घर नहीं जाएंगे। राकेश टिकैत की पत्नी सुनाता ने यह भी कहा कि फिलहाल घर जाने का समय नहीं आया है। अभी तो एमएसपी पर कानून को लेकर बात नहीं बनी। 700 से अधिक किसान की मौत हुई इनके परिवार का क्या होगा? इसकी जिम्मेदारी किसकी है?