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बेटों के साथ फांसी लगाने जा रहा था किसान, ग्रामीणों ने बचाया जाने वजह

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बाराबंकी  : जिले में ग्राम टंटनपुरवा में कर्ज के झूठे आरोप से तंग आकर किसान ने अपने दो नाबालिग पुत्रों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मदद से युवक व उसके दोनों पुत्रों को बचाया गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जैदपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत टेरा के टंटनपुरवा गांव में किसान मोतीचंद सुबह भोर तीन बजे अपने 10 साल के पुत्र विश्राम व आठ साल के अवधराम को लेकर घर से निकल गया। सुबह जब पत्नी बदामी देवी ने पति व दोनों पुत्रों को जगाने के लिए आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। पत्नी को शक हुआ वह भाग कर कमरे में गई तो देखा कि पति व दोनों बच्चे बिस्तर पर नहीं है। घबराई पत्नी रोने लगी और अपने छोटे पुत्र को लेकर गांव में ढूंढने निकल गई। काफी देर तक खोजबीन करने पर कुछ जानकारी नहीं हुई तो पत्नी जोर-जोर से रोने लगी। मोतीचंद व उसके पुत्र के गायब होने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। गांव के लोग भी मोतीचंद का पता लगाने में जुट गए।

फांसी लगाने का प्रयास

गांव के बाहर बाग में मोतीचंद के होने की सूचना मिलते ही पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि महादेव रावत व ग्राम प्रधान के भाई इम्तियाज बाग की तरफ दौड़ पड़े। कुछ ही देर में दर्जनों लोग भी बाग पहुंच गए। बाग में मोतीचंद अपने व दोनों पुत्रों के गले में फांसी का फंदा बनाकर पेड़ पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। यह देखकर सभी लोग भौचक रह गए। फ़ौरन महादेव रावत व इम्तियाज ने तीनों के गले से फंदा निकाल दिया। मौके पर मौजूद सभी ग्रामीणों ने समझा बुझाकर तीनों की जान बचाई। पत्नी अपने पति व दोनों बच्चों को सही सलामत पाकर लिपट कर रोने लगी।

झूठे कर्ज के आरोप व होमगार्ड से था परेशान

ग्राम टंटनपुरवा निवासी किसान मोतीचंद झूठे कर्ज आरोप से काफी दुखी था। पत्नी बदामी देवी की माने तो पास के ही बराईयां चौराहे पर एक कपड़े की दुकान से कुछ कपड़ा उधार लिया गया जिसका पैसा अदा कर दिया था। यही नहीं मोतीचंद ने उस दुकान का फर्नीचर बनाया भी था। मोतीचंद के फर्नीचर का पैसा भी बाकी था और वह दुकानदार से कई बार मांग भी चुका था। लेकिन व्यापारी कपड़े का 27 हजार बकाया होने की बात कहकर रोजाना तकादा करता था। बीते दो सप्ताह पूर्व कपड़ा व्यापारी ने मोतीचंद की मोटरसाइकिल भी छीन ली थी। अपना बकाया न मिलने पर कपड़ा व्यापारी ने थाने पर एक शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर सुलहनामा पर जबरन अंगूठा लगाकर समझौता करवा दिया। पुलसिया कार्यवाही से भी मोतीचंद दुखी था पत्नी बदामी देवी ने बताया कि हल्के का एक होमगार्ड्स कपड़ा व्यापारी के साथ था। झूठे कर्ज के आरोप से किसान मोतीचंद कई दिनों से परेशान था। एसएसआई दर्शन यादव ने बताया कि जांच की जा रही है।

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