
बाराबंकी : किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चैधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाए जाने वाला किसान दिवस किसानों ने उपवास दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर पूरे जनपद में भाकियू कार्यकर्ता व पदाधिकारी अपने अपने स्थानों पर सुबह से षाम तक धरने पर बैठकर किसान बिलों का विरोध करते रहे और सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन भी किया। गौरतलब रहे कि भारत सरकार द्वारा लाये गए तीन कृशि कानूनों के खिलाफ देष भर के किसान संगठनों की अगुवाई में दिल्ली बष्र्डर पर किसान इस भीशण ठंड में भी डटे हुए हैं। सरकार किसानों की बात सुनने के बजाय किसान कानूनो के फायदे अपने कार्यक्रमो में बता रही है, यहां तक कि उनके नेता, विधायक, सांसद और मंत्री किसानों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी भी कर किसान आंदोलन को कमजोर बनाने की साजिष रच रहे हैं बावजूद इसके किसान आंदोलन जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
इसी कड़ी में 23 तारीख को पूर्व प्रधानमंत्री स्व चैधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में मनाए जाने वाला किसान दिवस को भारतीय किसान यूनियन ‘टिकैत‘ के राश्ट्रीय आह्वान पर आज भाकियू तथा पदाधिकारियों ने उपवास दिवस के रूप में मनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जनपद के समस्त ब्लाकों में इसका आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से षुरू धरने के रूप में षुरू हुआ उपवास दिवस षाम 5 बजे तक चला। बंकी ब्लष्क द्वारा गन्ना प्रांगण में जिला संरक्षक उत्तम वर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष राम किशोर पटेल,रामानंद के नेतृत्व में, फतेहपुर में महादेव तालाब पर बाबादीन व नौमिलाल, देवां में जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा गिरीष चन्द आदि के नेतृत्व में धरना देकर उपवास दिवस मनाया गया। जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा में बताया कि सरकार अब किसानों को गुमराह करना बंद करे और किसानों से संवाद कर तीनो कानूनो को वापस ले। जब तक कानून वापसी पर कोई ठोस नतीजा नही निकलता तब तक यह आंदोलन अब गांव में गाँव शुरू होगा।