
इजराइल में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के पास गिरी ईरानी मिसाइल; भारी नुकसान।
Iran Israel War:ईरान ने इजराइल के बीर्शेबा शहर पर शुक्रवार सुबह बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक मिसाइल माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के नजदीक गिरी। इससे कई कारों में आग लग गई। आस-पास के घरों को भी नुकसान पहुंचा। इसमें 6 लोग घायल हो गए हैं।

यह लगातार दूसरा दिन है, जब बीर्शेबा शहर पर मिसाइल हमला हुआ है। इससे पहले गुरुवार को भी ईरान ने बीर्शेबा के एक अस्पताल पर मिसाइल दागी थी, जिसमें 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। लेविट ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी हर चीज मौजूद है। अब बस उन्हें अपने नेता के हां कहने भर की देर है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान ऐसा करता है, तो इससे सिर्फ इजराइल नहीं, बल्कि अमेरिका और पूरी दुनिया की सुरक्षा को खतरा होगा।
7 दिन की लड़ाई में अब तक इजराइल के 24 लोग मारे गए हैं, जबकि 600 से ज्यादा लोग घायल हैं। वहीं, वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दावा किया है कि ईरान में मौत का आंकड़ा अब 657 हो चुका है और 2,037 लोग घायल हैं। अमेरिका स्थित एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में इजराइली हमलों में अब तक कम से कम 657 लोग मारे गए हैं और 2,037 घायल हुए हैं। ग्रुप ने कहा कि मरने वालों में 263 नागरिक और सुरक्षा बलों के 164 जवान शामिल हैं। ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के टॉप एडवाइजर अली शमखानी जिंदा हैं और अस्पताल में गंभीर चोटों से उबर रहे हैं। पिछले हफ्ते ईरानी मीडिया ने शमखानी के इजराइल हमले में मारे जाने की खबर दी थी।
ईरानी सेना की फार्स न्यूज एजेंसी, सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज एजेंसी सहित कई मीडिया आउटलेट ने शमखानी के हवाले से एक बयान में लिखा है, ‘मैं जिंदा हूं और खुद को बलिदान करने के लिए तैयार हूं। पिछले हफ्ते, इन्हीं एजेंसियों ने बताया था कि शमखानी 13 जून को इजराइल के शुरुआती हवाई हमलों में मारे गए थे।
लेबनान में संसद के स्पीकर, सबसे सर्वोच्च शिया नेता और हिजबुल्लाह के करीबी सहयोगी नबीह बेरी ने कहा कि लेबनान जंग में ईरान का साथ नहीं देगा। उन्होंने कहा, ‘ईरान को हमारी जरूरत नहीं है। समर्थन की जरूरत इजराइल को है। नबीह बेरी ने गुरुवार रात स्थानीय एमटीवी न्यूज से बातचीत के दौरान ये बयान दिया।
उनकी टिप्पणी ईरान, इजराइल और अमेरिका दोनों की ओर से इस बात पर चर्चा के बीच आई है कि इजराइल के खिलाफ हमलों में ईरान का समर्थन करने के लिए हिजबुल्लाह को एक्टिव किया जाएगा या नहीं।
हिजबुल्लाह ने अब तक संकेत दिया है कि वह इस जंग में शामिल नहीं है, लेकिन उसका करीबी सहयोगी ईरान इस पर दबाव डाल सकता है कि अगर अमेरिका ने युद्ध में इजराइल का साथ दिया, तो वह भी ईरान की तरफ से शामिल हो जाए।