
लखनऊ : यूक्रेन में फंसे मेडिकल एमबीबीएस के पांच छात्र अब सकुशल अपने घर पहुंच गये हैं। मुंबई से एक फ्लाइट से पांच बच्चे लखनऊ आए हैं इनमें से दो लखनऊ के और बाकी कानपुर, गोंडा और शाहजहांपुर के हैं। बुधवार को दिल्ली से आने वाली फ्लाइट में भी कुछ बच्चे वापस आएंगे। जिला प्रशासन ने इनका स्वागत कर घर पहुंचाने की व्यवस्था की है फरवरी की शुरुआत से ही यूक्रेन में तनाव नजर आने लगा था। युद्ध छिड़ने की आशंका थी, जो 24 फरवरी को हकीकत में बदलती दिखी। हमारे मेडिकल कॉलेज के ऊपर से एक के बाद एक, चार फाइटर प्लेन गुजरे। काफी दूर धमाकों की आवाज भी सुनाई दी।

पहले से चेतावनी मिलने से हम भागकर बंकर में छिप गए। कुछ घंटे बाद बाहर निकले तो आसपास माहौल सामान्य दिखा। यह राहत उस वक्त काफूर हो गई, जब पता चला कि 30-40 किमी यूक्रेन का हवाई अड्डा रूसी फाइटर प्लेन ने तबाह कर दिया है।

इसके बाद घर वापसी के हालात बन गए। कानों में अब भी फाइटर प्लेन और धमाकों की आवाज गूंज रही है मंगलवार को अमौसी हवाईअड्डे पहुंच राजधानी समेत प्रदेश के पांच बच्चों ने यूक्रेन का यह खौफनाक मंजर बयां किया। वहीं, इन्हें देखते ही परिवारीजन ने अपने सीने से लगा लिया। बच्चों को सकुशल देख उनके खुशी के आंसू नहीं थम रहे थे
48 घंटे बाद मिला बॉर्डर पार करने का मौका
मैं और मेरी मौसेरी बहन विनिशिया मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। 25 फरवरी को हम रोमानिया के लिए चले। बॉर्डर पर काफी भीड़ थी। हमने करीब आठ किमी का रास्ता पैदल पार किया। उस समय बर्फबारी भी होने लगी, जिससे मुश्किलें बढ़ गईं। साथ में जो बिस्किट व खाने की सामग्री रखी थी, सब खत्म हो रही थी 48 घंटे कतार में लगने के बाद बॉर्डर पार करने का मौका मिला। 28 फरवरी की रात हम मुंबई पहुंचे और वहां से लखनऊ के लिए रवाना हुए। मेरी बहन अपनी बुआ के यहां मुंबई में ही रुक गई। : आकांक्षा चौरसिया, एकतानगर, ठाकुरगंज