
लखनऊ : राजधानी के सरोजनीनगर क्षेत्र में स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को आगामी एक नवंबर से पचास सालों के लिए अडानी ग्रुप संभालने जा रहा है। जिसके चलते एक नवंबर से कामर्शियल सुविधाओं में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। यात्री सुविधाओं के साथ कामर्शियल गतिविधियों के विकास की का जिम्मा अडानी ग्रुप का होगा
वहीं एयर ट्रैफिक कंट्रोल पहले की तरह एटीसी और सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) पर होगा। एयरपोर्ट पर कमर्शियल सेवाओं से जुडे एक अधिकारी ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट के वर्तमान घरेलू इंटरनेशनल टर्मिनल की यात्री सुविधाओं को अडानी ग्रुप कई गुना बेहतर करने जा रहा है। आपको बता दें कि लखनऊ एयरपोर्ट खास उद्योगपतियों और सरकार के इस्तेमाल के लिए सन 1986 में बना था।
हालांकि, इस एयरपोर्ट को 17 जुलाई 2008 को यात्रियों के लिए विकसित किया गया। मई 2012 में लखनऊ एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया। दो जून 2012 से नया थ्री टियर का करीब दो हजार यात्रियों की क्षमता वाला घरेलू टर्मिनल भी शुरू हो गया
आपको बता दें कि यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक नवंबर से कई बदलाव होने जा रहे हैं। इसे निजीकरण की प्रक्रिया के तहत अडानी ग्रुप को सौंपा गया है। इसे कमर्शियल सर्विसेज की बेहतरी के लिए बेहद आवश्यक कदम बताया जा रहा है।