
आप सांसद एवं उत्तरप्रदेश प्रभारी संजय सिंह पर राजद्रोह के साथ धोखाधड़ी की धाराएं बढाई गईं, 20 सितम्बर को बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया गया
लखनऊ : हजरतगंज पुलिस ने जाति आधारित सर्वे कराने के मामले में आम आदमी पार्टी से राज्य सभा सदस्य और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे में राजद्रोह की धारा बढ़ाई गई है। लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में पहले से ही दर्ज मुकदमे में राजद्रोह के साथ साजिश रचने, धोखाधड़ी की धाराएं बढ़ाई गई हैं। साथ ही आइटी एक्ट भी लगाया गया है। पुलिस ने उन्हें नोटिस भेज कर 20 सितंबर को हजरतगंज कोतवाली में बयान दर्ज कराने के लिये बुलाया है। दरोगा नरेंद्र प्रताप राय ने 16 अगस्त को संजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, जाति आधारित सर्वे कराने की बात संजय सिंह ने स्वीकार्य की थी। विवेचक ने जांच के दौरान मुकदमें में 124-ए (राजद्रोह) की धारा बढ़ाई है। संजय सिंह के साथ ही सर्वे करने वाली निजी कंपनी के तीन निदेशकों पर भी राजद्रोह तथा धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई है। हाल ही के दिनों में संजय सिंह के खिलाफ विभिन्न टिप्पणियां करने के मामलों में लगभग 13 मामले दर्ज किए गए हैं।
कुछ दिन पहले लोगों के फोन पर एक सर्वे का ऑडियो आया था, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार पर जाति के आधार पर काम करने का आरोप लगाया गया था। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने इसे सर्वे बताया था और इसकी जिम्मेदारी ली थी। इस मामले में संजय सिंह के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में वैमनस्यता फैलाने और भावना आहत करने की एफआइआर दर्ज की गई थी।
हजरतगंज पुलिस की ओर से भेजे गए नोटिस में संजय सिंह को 20 सितंबर को दिन में 11 बजे तक उपस्थित होने को कहा गया है। नोटिस में यह स्पष्ट लिखा है कि अगर संजय सिंह निर्धारित तिथि को आकर पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न वर्गों में वैमनस्यता फैलाने व लोगों की भावनाओं को आहत करने के मामले में जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि संजय सिंह व अन्य ने राज्य सरकार के खिलाफ साजिश रची है। यही नहीं आरोपितों ने जालसाजी करके सरकार की छवि धूमिल करने का भी प्रयास किया था।

संजय सिंह ने अपने ट्विटर के माध्यम से बताया कि इस जातिगत सर्वे का आयोजन उन्होंने ही करवाया है। उन्होंने एफआइआर की जांच में पैसा बर्बाद नहीं करने की सलाह देते हुए कहा कि योगी सरकार को जो पूछना है उनसे पूछे।