
लखनऊ के लोहिया संस्थान में निशुल्क होगी फंडस और काला मोतिया की जांच।
डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में फंडस और काला मोतिया की जांच निशुल्क होगी। इसी तरह वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को 250 से अधिक दवाएं एचआरएफ के मूल्य पर मिल सकेंगी।
इससे मरीजों का तत्काल उपचार शुरू हो जाएगा। यह फैसला मंगलवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई संस्थान के शासी निकाय की बैठक में लिया गया।

बैठक में संस्थान के विभिन्न विभागों में आने वाले मरीजों की स्थिति की समीक्षा की गई। तय किया गया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में फंडस और काला मोतिया की जांच जैसी सामान्य प्रक्रियाओं की जांच निशुल्क की जाए। अभी तक इसके लिए 50 रुपये शुल्क लिया जाता था। इसी तरह मरीजों के उपचार में देरी से बचने के लिए सामान्य उपयोग की 250 से अधिक औषधियां वार्ड में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए मरीजों से हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) की दर पर शुल्क लिया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों के भर्ती होने के बाद उपचार तत्काल शुरू हो जाएगा।

बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि मरीजों के उपचार में हर स्तर पर सहूलियत दी जाए। उन्होंने संस्थान में किए जा रहे नए- नए प्रयोगों की तारीफ की। बैठक में संस्थान के उपाध्यक्ष एवं विभाग के प्रमुख सचिव अमित कुमार घोष, लोहिया संस्थान के निदेशक प्रो सीएमएम सिंह, डीजीएमई अपर्णा यू, सचिव वित्त समीर वर्मा, एबीवीएम यूनिवर्सिटी के कुलपति संजीव मिश्रा, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. रतनपाल सिंह सुमन, पूर्व कुलपति डा पीके सिंह आदि मौजूद रहे।
ब्रेन स्टेम डेड मरीजों का खर्च उठाएगा अस्पताल
बैठक में निर्णय लिया गया कि ब्रेन स्टेम डेड मरीजों के परिजनों की स्वीकृति के बाद यदि अंगदान किया जाता है तो उस रोगी के अस्पताल खर्चों का भुगतान अस्पताल प्रशासन द्वारा किया जाएगा। इसी तरह नर्सिंग संवर्ग अब उच्चतर शिक्षा के लिए अधिकतम दो वर्ष का अध्ययन अवकाश ले सकेगा। बैठक में संस्थान में एनेस्थीसिया सहित अन्य विभागों में पीजी (एमडी/एमएस/डीएम/एमसीएच) की 86 सीटें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए जल्द ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को प्रस्ताव भेजने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि दो माह पूर्व सम्पन्न हुये फैकल्टी रिक्रूटमेंट के माध्यम से 165 नये संकाय सदस्यों का चयन पूर्ण कर लिया गया है।