
10,000 रुपये में संपत्ति का मालिकाना हक पाएं।
Property News:देश में पारिवारिक संपत्तियों के बंटवारे को लेकर अक्सर लंबी और जटिल प्रक्रियाएं होती हैं, जिनमें कई बार चार पीढ़ियों तक विवाद चला जाता है। इससे न केवल परिवार में मतभेद बढ़ते हैं, बल्कि कोर्ट-कचहरी के चलते भारी खर्च भी होता है, जो कई लोगों के लिए बोझ बन जाता है।

लेकिन अब सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नई योजना के तहत चार पीढ़ियों की संपत्तियों के बंटवारे की प्रक्रिया को बेहद सरल और सस्ता बनाया गया है, जिससे इस पूरे काम पर केवल 10 हजार रुपये का खर्च आएगा। इस पहल का मकसद पारिवारिक संपत्तियों के बंटवारे को जल्द और बिना विवाद के पूरा कराना है ताकि लोगों को महंगे मुकदमों और लंबे इंतजार से बचाया जा सके।
इस नई व्यवस्था के तहत, अगर परिवार के सभी सदस्य आपसी सहमति से अपनी संपत्ति का बंटवारा करना चाहते हैं, तो वे ‘फैमिली सेटलमेंट एग्रीमेंट’ के माध्यम से यह काम कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और पंजीकरण शुल्क, स्टांप ड्यूटी जैसी लागतों को भी काफी कम किया गया है। इस प्रक्रिया में वकील की मदद से संपत्ति के मालिकाना हक का रिकॉर्ड आसानी से अपडेट किया जाएगा, जिससे बाद में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। इससे न केवल कोर्ट पर बोझ कम होगा, बल्कि परिवारों में चल रहे विवाद भी घटेंगे और संपत्ति के सही मालिकों को न्याय मिलेगा।
सरकार की यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित होगी, जिनके बीच जमीन-जायदाद के वितरण को लेकर असमंजस और अनबन रहती है। पारंपरिक तरीकों में अक्सर यह काम सालों तक टलता रहता था, जिससे परिवार के सदस्य तनाव में रहते थे और बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी। लेकिन अब सिर्फ 10 हजार रुपये में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को भी न्याय और सुविधा मिल सकेगी।
इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि वह संपत्ति विवादों को कम करने में मदद करेगी और परिवारों के बीच सौहार्द्र बढ़ेगा। साथ ही, यह कानून व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा और लोगों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा। कुल मिलाकर, यह कदम आम जनता के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जो पारिवारिक संपत्तियों के बंटवारे को आसान, तेज और सस्ता बना देगा।