
गजवा-ए-हिंद बर्दाश्त नहीं, सीएम योगी की कड़ी चेतावनी।
Lucknow News:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर राजनीतिक गलियारे में खूब हंगामा मचा हुआ है। हाल ही में योगी ने एक ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर विपक्षी नेता खासतौर पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कड़ी आलोचना की है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर विवादित और विवादास्पद बयान देते हैं।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार “ग़ज़वात-ए-हिंद” जैसे बयान देकर समाज में डर और नफरत फैलाने की कोशिश करती है, जबकि असल मुद्दे जैसे शिक्षा, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और विकास पूरी तरह से नजरअंदाज किए जा रहे हैं। संजय सिंह के मुताबिक, ये बयान सरकार की असफलताओं को छुपाने का हथकंडा है ताकि जनता का ध्यान उनके कामकाज से हटाया जा सके।

योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर “ग़ज़वात-ए-हिंद” शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया। उनका यह बयान कुछ खास संदर्भों में दिया गया था, जिसमें उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि प्रदेश में बाहरी ताकतें और कट्टरपंथी तत्व समाज को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन विपक्ष ने इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला और समाज में तनाव फैलाने वाला करार दिया।

उन्होंने कहा कि ऐसे बयान प्रदेश की सामाजिक शांति के लिए नुकसानदायक हैं और ये जनता के बीच विभाजन पैदा करते हैं।
संजय सिंह ने इस बयान को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसमें वे योगी की राजनीति पर जमकर हमला बोलते हुए कहते दिखे कि मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक कमज़ोरियों को छुपाने के लिए इस तरह के नफरत भरे बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है, सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और सामाजिक असमानताएं गहराती जा रही हैं। ऐसे में विवादित बयान देना जनता के साथ धोखा है और सरकार की जवाबदेही से भागने जैसा है।
इस पूरे विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गरमाहट को और बढ़ा दिया है। योगी आदित्यनाथ के समर्थक उनका बचाव करते हुए कहते हैं कि मुख्यमंत्री का बयान गलत संदर्भ में नहीं लिया जाना चाहिए और वह प्रदेश की सुरक्षा और एकता बनाए रखने के लिए यह बातें कर रहे हैं। वहीं विपक्ष इसे राजनीति की गरमागरम लड़ाई का हिस्सा बता रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए दिए जाते हैं, जो अल्पकालिक लोकप्रियता तो ला सकते हैं, लेकिन लंबे समय में समाज में सौहार्द और शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि असली जरूरत यह है कि प्रदेश सरकार मुख्य विकासात्मक मुद्दों पर ध्यान दे और समाज के हर वर्ग के बीच सामंजस्य बनाए रखे।
इस बीच आम जनता भी इस बयानबाजी से खासा परेशान है। लोग चाहते हैं कि नेताओं का ध्यान मतदाताओं की भलाई पर हो, न कि विवादों और विभाजन पर। योगी सरकार और विपक्ष के बीच चल रही इस बहस का असर आने वाले समय में यूपी की राजनीति और सामाजिक माहौल पर गहरा होगा।