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लखनऊ के सरकारी भवन होंगे दिव्यांग हितैषी, सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण में 12 करोड़ की योजना स्वीकृत

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लखनऊ के सरकारी भवन होंगे दिव्यांग हितैषी, सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण में 12 करोड़ की योजना स्वीकृत

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सम्मानजनक जीवन और समान अवसरों को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में सुगम्य भारत अभियान के दूसरे चरण के तहत राजधानी लखनऊ के पांच प्रमुख सरकारी भवनों को दिव्यांग हितैषी बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके लिए 12 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह परियोजना न केवल दिव्यांगजनों के लिए सरकारी भवनों तक पहुंच आसान बनाएगी, बल्कि सरकारी कार्यालयों को सभी नागरिकों के लिए सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों को पूर्णतः सुलभ बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रही हैं। लखनऊ में चयनित भवनों में योजना भवन (हैवलॉक रोड), सिंचाई भवन (कैनाल कॉलोनी, कैन्ट रोड), जिला सेवायोजन कार्यालय (लालबाग), विकास अन्वेषण, मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण प्रभाग (कालाकांकर हाउस, पुराना हैदराबाद) और सूडा नवचेतना केंद्र (10, अशोक मार्ग) शामिल हैं।उन्होंने बताया कि इन भवनों में रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइनेज, व्हीलचेयर फ्रेंडली शौचालय, और विशेष पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए ब्रेल लिपि में सूचना संकेतक लगाए जाएंगे, वहीं श्रवणबाधित व्यक्तियों के लिए साइन लैंग्वेज सपोर्ट और विशेष अलार्म सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी।मंत्री कश्यप ने कहा कि यह कार्य एक्सेस ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप कराया जाएगा। लिफ्टों का आकार इस तरह से तय किया गया है कि व्हीलचेयर सहित दो व्यक्ति उसमें आसानी से आ-जा सकें। उन्होंने कहा कि सुगम्य भारत अभियान के तहत चल रही यह पहल प्रदेश के दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता और समानता की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के सभी सार्वजनिक कार्यालयों, संस्थानों और परिवहन सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक बिना किसी बाधा के अपनी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सके।

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