
हाथरस में परीक्षा निरीक्षण के दौरान हंगामा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी से मारपीट का आरोप
हाथरस: राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध हाथरस जनपद के सादाबाद स्थित जीएस महाविद्यालय में परीक्षा के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब नियमित निरीक्षण पर पहुंचे क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी जीएस मोदी के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। इस अप्रत्याशित घटना से परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी मच गई और शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी जीएस मोदी परीक्षा की व्यवस्था, अनुशासन और कक्षों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जीएस महाविद्यालय पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। शुरुआत में यह विवाद केवल मौखिक बहस तक सीमित रहा, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बिगड़ गई और हाथापाई की नौबत आ गई।
निरीक्षण अधिकारी से मारपीट का आरोप
आरोप है कि विवाद के दौरान उच्च शिक्षा अधिकारी जीएस मोदी के साथ मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रण में लिया। कुछ समय के लिए परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था का माहौल बन गया, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर ली गई।
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा करीब 45 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है।
कुलपति ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
घटना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एनबी सिंह ने कहा कि परीक्षा के दौरान निरीक्षण अधिकारी के साथ मारपीट की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और दोषी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
कुलपति ने बताया कि इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक, संबंधित अधिकारियों और सभी पक्षों से बातचीत कर निर्णय लिया जाएगा। वहीं परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार ने कहा कि जब इस मामले में लिखित शिकायत प्राप्त होगी, तब नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग में बढ़ी चिंता
इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय स्तर पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
