
सैन्यकर्मियों को बना चुका था निशाना, 25 हजार के इनामी जालसाज़ को लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
सैन्यकर्मियों को बना चुका था निशाना, 25 हजार के इनामी जालसाज़ को लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
लखनऊ: मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में ज़मीन के नाम पर सेना व अर्द्धसैनिक बलों के जवानों सहित सौ से अधिक लोगों से धोखाधड़ी करने वाला शातिर जालसाज़ आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। पुलिस कमिश्नर लखनऊ अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत मोहनलालगंज थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने आरोपी प्रमोद कुमार उपाध्याय को गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध पहले से ही ₹25,000 का इनाम घोषित था।प्रमोद उपाध्याय ने खुद को एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कई भोले-भाले लोगों को सस्ते प्लॉट देने का लालच देकर ठगा। सेना और अर्द्धसैनिक बलों के उन कर्मियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया जो अपनी ड्यूटी के कारण पूरी तरह से भूमि की जांच नहीं कर पाते थे। अभियुक्त आकर्षक ऑफर देकर प्लॉट की रजिस्ट्री करवा देता था लेकिन बाद में पीड़ितों को न तो ज़मीन का कब्ज़ा मिलता था और न ही किसी प्रकार का वैध स्वामित्व प्रमाण।इस मामले की शुरुआत तब हुई जब महाराष्ट्र की रहने वाली लक्ष्मी देवी कुकरेती ने 30 मार्च 2025 को थाना मोहनलालगंज में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में ग्राम मऊ स्थित भूमि को लखनऊ की एक कंपनी सीएचके इन्फ्राविजन प्राइवेट लिमिटेड से खरीदा था, लेकिन रजिस्ट्री होने के बावजूद कब्जा नहीं मिला। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी इसी प्रकार की ठगी कई बार दोहरा चुका है।पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, आशियाना, कैंट और पीजीआई थानों में धोखाधड़ी, धमकी, आपराधिक साजिश और एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से उसकी फर्जी कंपनी से जुड़े दो ब्रोशर और चार मोहरें भी बरामद की हैं।अभियुक्त को 15 जून को मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित कान्हा उपवन के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की कार्रवाई थाना मोहनलालगंज और एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई।लखनऊ पुलिस ने इस कार्रवाई को ठगी के नेटवर्क पर करारा प्रहार बताया है। पुलिस का कहना है कि अन्य पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच विस्तृत स्तर पर जारी है।
