
वित्तीय वर्ष 2026–27 का ऐतिहासिक बजट: सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव, यह नए उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने वाला बजट:मंत्री श्री ए के शर्मा
वित्तीय वर्ष 2026–27 का ऐतिहासिक बजट: सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव, यह नए उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार करने वाला बजट:मंत्री श्री ए के शर्मा
लखनऊ,11 फरवरी 2026: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा ने उत्तर प्रदेश बजट 2026–2027 पास होने के अवसर पर पर कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है। इसमें किसान, महिला, युवा, श्रमिक और समाज के हर वर्ग के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट प्रदेश के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है।कुल 912696.35 करोड़ रुपए का यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.09 प्रतिशत अधिक है, जो प्रदेश सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बजट उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक निवेश से सशक्त उत्तर प्रदेश
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो प्रदेश में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। वर्ष 2025–26 में दिसम्बर 2025 तक ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 19 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 21 घंटे 49 मिनट तथा जनपद मुख्यालयों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई गई है, जो प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में हुए व्यापक सुधार का प्रमाण है।
01 अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2025 तक कुल 2,41,088 निजी नलकूप संयोजन निर्गत किए गए हैं, जबकि वर्ष 2017–18 से सामान्य योजना के अंतर्गत 1,66,135 संयोजन जारी किए जा चुके हैं। यह किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश में 2,410 नये 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण एवं क्षमता वृद्धि की गई है। साथ ही 20,924 नये वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए तथा 85,684 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है, जिससे ओवरलोडिंग की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों के विकास हेतु 2,104 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पीएम कुसुम सूर्यघर योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अयोध्या एवं मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं। जैव ऊर्जा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश अग्रणी है, जहाँ राज्य जैव नीति-2022 के अंतर्गत 36 सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।
आवास एवं शहरी नियोजन से सुनियोजित विकास को गति
आवास एवं शहरी नियोजन के लिए 7,705 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरों का विकास होगा।
काशी-विंध्य क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण तथा प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन की पहल क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई दिशा देगी। रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अंतर्गत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन प्रारम्भ होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
लखनऊ विकास क्षेत्र एवं अन्य विकास प्राधिकरणों के अवसंरचना कार्यों हेतु 800 करोड़ रुपये तथा मेरठ, मथुरा-वृन्दावन एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के लिए 750 करोड़ रुपये की नई योजना प्रस्तावित है। सिटी इकोनॉमिक रीजन के लिए 100 करोड़ रुपये तथा अयोध्या के सर्वांगीण विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण एवं उसके अनुरक्षण हेतु 50 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड की भी व्यवस्था की गई है।
नगर विकास के लिए व्यापक प्रावधान, सशक्त होते शहर
नगर विकास के लिए लगभग 26,514 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वर्ष 2017 के उपरांत प्रदेश में 113 नये नगरीय निकाय गठित किए गए तथा 127 निकायों का सीमा विस्तार किया गया है, जिससे शहरीकरण को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) 1.0 के अंतर्गत 189 नगरीय निकायों में 1,100 ब्लॉकों में पब्लिक/कम्युनिटी/पिंक टॉयलेट का निर्माण किया गया है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित हुई है।
स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 10 शहरों—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर एवं मुरादाबाद—का चयन किया गया है। साथ ही राज्य सरकार ने 7 अन्य नगर निगमों—अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृन्दावन, मेरठ एवं शाहजहाँपुर—को राज्य स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की अभिनव पहल की है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए के शर्मा ने कहा कि यह बजट “नए उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को साकार करने वाला बजट है। ऊर्जा, आवास, शहरी विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए ये प्रावधान प्रदेश को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।