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छात्रावास घोटाला: मुरादाबाद में समाज कल्याण विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधीक्षिका निलंबित, डीएसडब्ल्यू पर जांच के आदेश

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छात्रावास घोटाला: मुरादाबाद में समाज कल्याण विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधीक्षिका निलंबित, डीएसडब्ल्यू पर जांच के आदेश

लखनऊ/मुरादाबाद: प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत मुरादाबाद में एक और सख्त कार्रवाई की गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास में रखरखाव के नाम पर जारी किए गए 10 लाख रुपये की अनियमितता के मामले में छात्रावास की अधीक्षिका सुश्री प्रवेश कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं।यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 7 जुलाई को मुरादाबाद में मंत्री असीम अरुण एक छात्रावास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान छात्रावास के छात्रों ने मंत्री के समक्ष कई गंभीर शिकायतें रखीं, जिनमें छात्रावास की दुर्दशा और फर्जी रखरखाव कार्यों का मुद्दा प्रमुख था।छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तत्काल मेरठ मंडल की उपनिदेशक सुनीता यादव को जांच के लिए भेजा। 10 जुलाई को उपनिदेशक ने जब छात्रावास का निरीक्षण किया, तो शिकायतें सही पाई गईं। जांच में सामने आया कि मार्च 2025 में कागजों पर 14 सीसीटीवी कैमरे खरीदे और लगाए जाने की पुष्टि की गई थी, लेकिन असल में ये कैमरे 9 जुलाई को—यानी जांच के ठीक एक दिन पहले लगाए गए थे। इसी प्रकार, 42 इंच का एक एलईडी टीवी भी मार्च में लगाया जाना दर्शाया गया था, जबकि वह वास्तव में 7 जुलाई को ही छात्रावास में लगाया गया।इतना ही नहीं, कमरों और खिड़कियों की पुताई, मुख्य गेट की मरम्मत और रंगाई-पुताई के कार्य भी फर्जी पाए गए। जांच अधिकारी को इन सभी कार्यों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी, लापरवाही और वित्तीय अनियमितताएं मिलीं।प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षिका के निलंबन का निर्णय लिया है और पूरे प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मंत्री असीम अरुण ने स्पष्ट किया है कि समाज कल्याण विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों के कल्याण और अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके और छात्रावासों की दशा में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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