diwali horizontal

अल कायदा की मास्टरमाइंड शमा परवीन तक कैसे पहुंची पुलिस?

0 77

अल कायदा की मास्टरमाइंड शमा परवीन तक कैसे पहुंची पुलिस?

इण्डिया Live:पुलिस को शमा परवीन का नाम तब पता चला जब जांच एजेंसियों को कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी मिली। ये अकाउंट्स कट्टरपंथी विचारधारा फैला रहे थे और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे।

एक व्हाट्सएप ग्रुप की जांच करते हुए एजेंसियों को एक महिला का नाम बार-बार सामने आया – शमा परवीन। उसने ग्रुप में धार्मिक उकसावे वाले मैसेज भेजे थे और अल-कायदा की सोच को बढ़ावा दे रही थी।

जांच अधिकारियों ने शमा की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। सोशल मीडिया प्रोफाइल, चैट्स और ईमेल को स्कैन किया गया। ये सामने आया कि वो कुछ विदेशी लोगों के संपर्क में थी, जो अल-कायदा से जुड़े थे। वो भारत में अपने जैसे और लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रही थी।

शमा अपनी पहचान छिपाने के लिए कई फर्जी नामों का इस्तेमाल कर रही थी। लेकिन एक गलती उसने कर दी – एक पुराने ईमेल अकाउंट में उसका असली नाम जुड़ा हुआ था। यही सुराग पुलिस को उसके असली नाम और पहचान तक ले गया।

इसके बाद उसकी कॉल डिटेल्स और मोबाइल लोकेशन की जांच की गई। आखिरी बार उसकी मौजूदगी एक खास शहर में पाई गई। वहां की पुलिस ने उसे ट्रैक करना शुरू किया और कुछ दिन तक नजर रखने के बाद, एक किराए के मकान से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

उसके पास से मोबाइल, लैपटॉप, कुछ दस्तावेज़ और अल-कायदा से जुड़े डिजिटल सबूत मिले। पूछताछ में शमा ने माना कि वो युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी संगठन से जोड़ने की कोशिश कर रही थी। उसका मकसद था कि भारत में अल-कायदा का नेटवर्क मजबूत किया जाए।

फिलहाल एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं और उसके संपर्क में आए बाकी लोगों का भी पता लगाने की कोशिश जारी है। उसके इलेक्ट्रॉनिक सामानों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि और सबूत मिल सकें।

इस पूरी कार्रवाई से पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियां साइबर निगरानी के जरिए भी ऐसे मामलों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.