
हैदराबाद के परिवारों में मातम!
सऊदी अरब के मक्का-मदीना हाईवे पर सोमवार तड़के एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जब मक्का से मदीना जा रही एक यात्री बस एक डीज़ल टैंकर से जोरदार टकरा गई और देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गई। घटना इतनी भीषण थी कि बस में सवार यात्रियों के बचने की संभावना बेहद कम हो गई। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब *42 भारतीय तीर्थयात्रियों* की मौत का अंदेशा है, जिनमें से अधिकांश हैदराबाद और उसके आसपास के इलाके से थे।
हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय अधिकारियों ने आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की, ताकि प्रभावित परिवारों को त्वरित जानकारी और सहायता मिल सके। हादसे में घायल यात्रियों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्थानीय प्रशासन ने बचाव अभियान तेज़ी से चलाया और मलबा हटाकर शवों को निकालने का काम देर रात तक जारी रहा।

हैदराबाद के कई परिवार इस त्रासदी से बुरी तरह टूट गए हैं। एक दर्दनाक मामला उस परिवार का है जिसके *18 सदस्य एक साथ* उमरा यात्रा पर गए थे और इस दुर्घटना ने उनका पूरा परिवार ही उजाड़ दिया। रिश्तेदारों ने बताया कि वे सभी मदीना की यात्रा पर थे और वापसी के दौरान यह भयानक हादसा हुआ। परिवार के बचे हुए सदस्यों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह विश्वास नहीं हो रहा है कि एक ही घटना ने उनकी पूरी दुनिया बदल दी।

भारत सरकार ने सऊदी अधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए रखा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मृतकों के शव भारत लाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। विदेश मंत्रालय ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
यह दुर्घटना न केवल एक भयानक मानवीय त्रासदी है, बल्कि तीर्थयात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और वाहन संचालकों की सतर्कता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। मक्का-मदीना का यह मार्ग रोज़ लाखों यात्रियों का सफर देखता है, और ऐसे हादसे यात्रा सुरक्षा पर तुरंत पुनर्विचार की ज़रूरत को दर्शाते हैं।