
लखनऊ में फ्लाईओवर्स के नीचे अवैध कब्जा धड़ल्ले से है।
Lucknow News:जिम्मेदारों की ढिलाई के कारण राजधानी में फ्लाईओवरों के नीचे कब्जा, अतिक्रमण कायम है। कहीं ठेले-गुमटी वालों का कब्जा है तो कहीं पर बाजार सजे हैं। कई जगह तो लोगों ने पार्किंग बना ली है।
फ्लाईओवरों के नीचे से कब्जे हटाए जाने को लेकर महापौर ने कई बार आदेश किया, लेकिन आज तक इससे छुटकारा नहीं मिल सका है। अब जिले के प्रभारी मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान बुधवार को फिर इसके निर्देश दिए हैं।

हुसैनगंज से नाका चौराहा तक जाने वाले नए फ्लाईओवर के नीचे जगह-जगह कब्जे हैं। कहीं पर कार पार्किंग हो रही है तो कहीं पर बग्घी वालों का कब्जा है। अलीगंज के पुरनिया फ्लाईओवर के नीचे तो कूड़ा डाला जाता है। इसके अलावा आसपास के लोगों ने गैराज और स्टोर भी बना लिए हैं। क्रॉसिंग के पास तो फर्नीचर की दुकान वालों का कब्जा है। यहां दिनभर फर्नीचर बनाने का काम चलता है। कुछ बैंडवालों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी हैं और गैराज भी चलाया जा रहा है।
विवेकानंद पॉलीक्लिीनिक के सामने वाले फ्लाईओवर के नीचे और निशातगंज फ्लाईओवर के नीचे पूरी तरह ठेले-गुमटी वालों का कब्जा है। निशातगंज में तो दर्जन भर दुकानें लोहे की बना ली गई हैं। सब्जी और फलवालों ने भी स्थायी कब्जा कर लिया है। विवेकानंद अस्पताल के सामने पुल के नीचे भी यही हाल है। यहा ठेले-गुमटी वालों के अलावा एक पक्की पुलिस चौकी भी बना ली गई है। महापौर का कहना है कि फ्लाईओवर के नीचे से कब्जे हटवाए जाएंगे। नगर निगम से कुछ हटवाए भी हैं। जहां कब्जे नहीं हटे हैं, वहां योजना बनाकर काम कराया जाएगा। नगर आयुक्त को इस बारे में निर्देश दिए जाएंगे।