
लखनऊ : केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए. केंद्र सरकार ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बैक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि टेक्सटाइल कंपनियों को उत्पादन के आधार पर 10,683 करोड़ रुपये इंसेंटिव के तौर पर दिए जाएंगे. इससे भारतीय कंपनियां वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ेंगी. इसमें टियर-3 और टियर-4 शहरों के नजदीक स्थित कंपनियों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा.
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर को पीएलआई की मंजूरी से 7 लाख लोगों के लिए नौकरी के मौके पैदा होंगे और निर्यात में भी तेजी आएगी. केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा रोजगार टेक्सटाइल इंडस्ट्री ही देती है. आज अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 2 तिहाई बाजार मैन मेड टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल का है. ऐसे में फेब्रिक, गारमेंट्स समेत पूरे इकोसिस्टम में भारत का योगदान बढ़ाने के लिए टेक्सटाइल पीएलआई को मंजूरी दी गई है. भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के मकसद से अब तक 13 सेक्टर के लिए पीएलआई स्कीम का ऐलान किया जा चुका है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब कपड़ा मंत्रालय इस स्कीम को लेकर दिशानिर्देश जारी करेगा.वहीं किसानों के नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को फिर तेज करने के बीच किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए भी फैसला लिया गया है. गेहूं, चना, मसूर, सरसों समेत रबी की 6 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. नया एमएसपी रबी की फसलों के मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए लागू होंगे.
कैबिनेट ने विपणन वर्ष 2022-23 के लिए गेहूं के एमएसपी में 40 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा कर 2015 रुपये कर दिया है. इसके अलावा चने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 130 रुपये की बढ़ोतरी कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी तिलहन में की गई है. केंद्र सरकार ने सरसों के एमएसपी में 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर 4,650 रुपये करने का ऐलान किया है. वहीं, मसूर में भी 400 रुपये की बढ़ोतरी कर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. जौं की एमएसपी 1600 रुपये से बढ़ाकर 1635 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है.
केंद्र सरकार ने सूरजमुखी के एमएसपी में 114 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर 5,327 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. केंद्र सरकार के मुताबिक, रबी फसलों के विपणन वर्ष 2022-23 के लिए की गई बढ़ोतरी आम बजट 2018-19 में की गई घोषणाओं के मुताबिक है. तब सरकार ने घोषणा की थी कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत के कम से कम डेढ़ गुना के बराबर कर दिया जाएगा. इससे किसानों को अपने उत्पादों की उचित कीमत मिलेगी और उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी. अनुमान के मुताबिक, एमएसपी बढ़ाए जाने के बाद किसानों को सरसों की लागत से 100 फीसदी फायदा मिलेगा. वहीं, मसूर पर लागत का 79%, चना पर 74% और सूरजमुखी पर 50% फायदा मिलेगा.