
गोमती नगर में नगर आयुक्त का औचक निरीक्षण, स्वच्छता में लापरवाही पर संस्थाओं पर लाखों का जुर्माना
लखनऊ: स्वच्छता अभियान को लेकर नगर निगम की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। शुक्रवार सुबह नगर आयुक्त गौरव कुमार ने गोमती नगर स्थित विपुल खंड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क सफाई और रोड स्वीपिंग व्यवस्था की गहन जांच की। इस कार्य की जिम्मेदारी लॉयन एनवायरो और लखनऊ स्वच्छता अभियान संस्थाओं को सौंपी गई थी।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त को कई स्थानों पर सड़कों पर गंदगी और धूल जमी मिली। इस लापरवाही पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब जिम्मेदार संस्थाएं गंभीरता और ईमानदारी से काम करें। लापरवाही पाए जाने पर नगर आयुक्त ने मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई करते हुए लखनऊ स्वच्छता अभियान पर 50 हजार रुपए और लॉयन एनवायरो पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें दोबारा न आएं और सफाई कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सिर्फ सड़क सफाई ही नहीं, नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था की भी समीक्षा की। इस दौरान क्षेत्र में हॉर्टिकल्चर वेस्ट (पेड़-पौधों से निकला कचरा) और सीएंडडी वेस्ट (निर्माण एवं ध्वस्तीकरण का मलबा) फैला हुआ पाया गया। इस पर उन्होंने कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को चेतावनी दी। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएंडडी वेस्ट हटाने की जिम्मेदारी अभियंत्रण विभाग और हॉर्टिकल्चर वेस्ट की सफाई की जिम्मेदारी हॉर्टिकल्चर विभाग निभाएगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार का कचरा जमा रहना न केवल शहर की छवि को धूमिल करता है बल्कि स्वच्छ भारत मिशन की भावना के भी विपरीत है। निरीक्षण के अंत में नगर आयुक्त ने आमजन से अपील की कि वे भी स्वच्छता अभियान में सहयोग करें और कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें, ताकि लखनऊ को साफ-सुथरा और स्वस्थ शहर बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
