
लखनऊ में बंद पड़े मकानों को बना रहे थे निशाना, अंतरराज्यीय चोर गैंग पकड़ा गया; चोरी की एक्सेंट कार, गहने, लैपटॉप समेत शत-प्रतिशत माल बरामद
लखनऊ में बंद पड़े मकानों को बना रहे थे निशाना, अंतरराज्यीय चोर गैंग पकड़ा गया; चोरी की एक्सेंट कार, गहने, लैपटॉप समेत शत-प्रतिशत माल बरामद
लखनऊ: राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र में सक्रिय अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दक्षिणी जोन की सर्विलांस टीम और थाना पीजीआई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है, जो बंद पड़े मकानों की रेकी कर योजनाबद्ध ढंग से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक्सेंट कार, कीमती आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन समेत चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया है।इस गिरोह ने हाल ही में पीजीआई क्षेत्र के एल्डीको 2 स्थित एक बंद मकान को निशाना बनाया था, जो एक डॉक्टर का आवास था। घर में किसी के न होने की जानकारी मिलने के बाद चोरों ने रात के समय ताले तोड़कर अंदर घुसकर कार, गहने, लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल, एलईडी टीवी और डेस्कटॉप तक चुरा लिए।घटना की सूचना मिलने के बाद वादी डॉ. प्रियवृत शुक्ला द्वारा थाना पीजीआई में 12 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई गई। गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी की निगरानी में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें सर्विलांस सेल को भी लगाया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, टैक्निकल इनपुट और मैनुअल जांच के जरिए आरोपी सोनू सिंह, अनुराग कुमार सिंह और शक्तिमान सिंह को 15 जुलाई को किसान पथ स्थित डलौना रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के पजरांव गांव के रहने वाले हैं और लखनऊ में सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के नादरगंज इलाके में रह रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे पहले मकानों की रेकी करते हैं और जब यह स्पष्ट हो जाता है कि घर लंबे समय से बंद है, तब रात में वहां चोरी करते हैं।
सोनू सिंह और शक्तिमान सिंह का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। सोनू सिंह के खिलाफ लखनऊ के अलग-अलग थानों में आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट और चोरी के गंभीर मामले शामिल हैं। शक्तिमान सिंह के खिलाफ भी पहले से मामले दर्ज हैं, जबकि अनुराग सिंह हाल ही में इस गिरोह से जुड़ा है।पुलिस टीम ने बरामदगी में कुल दो कारें – एक चोरी की गई एक्सेंट और एक स्कार्पियो (घटना में प्रयुक्त) — के अलावा दो लैपटॉप, दो टैबलेट, दो मोबाइल फोन, एक एलईडी टीवी, एक डेस्कटॉप, आधार कार्ड, बैटरी, लैपटॉप चार्जर और भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण भी जब्त किए हैं।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को पुलिस उपायुक्त दक्षिणी द्वारा ₹25,000 नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।यह कार्रवाई न केवल पीजीआई क्षेत्र में हुए एक बड़े अपराध का खुलासा है, बल्कि यह राजधानी में चोरी की वारदातों पर नकेल कसने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर छोड़ने से पहले पड़ोसियों को सूचित करें और सुरक्षा उपाय अपनाएं, ताकि ऐसे गिरोहों से सतर्क रहा जा सके।
